Kalava Benefits: हिंदू धर्म में जब भी किसी मांगलिक कार्य का आयोजन किया जाता है, तो हाथ में कलावा जरूर बंधा जाता है। लाल और पीले रंग का ये धागा हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है। कलावा को आमतौर पर मौली भी कहा जाता है। मंदिरों में भी दर्शन के बाद हाथ में कलावा बांधने की परंपरा रही है। वहीं जब आप किसी पूजन या अनुष्ठान में बैठते हैं तो पंडित जी द्वारा आपके हाथ में कलावा या मौली बांधा जाता है। हिंदू धर्म में कलावा बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। सिर्फ हाथ की कलाई पर ही नहीं बल्कि किसी भी नई वस्तु को खरीदने या नई चीज को घर पर लाने के बाद उसमें भी कलावा बांधा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कलावा आखिर है क्या और इसे बांधे जाने के पीछे क्या कारण हैं? चलिए आज जानते हैं कि कलावा क्यों बांधा जाता है और इसका क्या महत्व है...
Kalava Benefits: हाथ में क्यों बांधा जाता है कलावा या मौली, जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
Published by: आशिकी पटेल
Updated Mon, 14 Mar 2022 06:19 PM IST
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