Shani Jayanti 2023 Upay: पुराणों में शनिदेव को सूर्यदेव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र और कर्मफलदाता दाता कहा गया है। शनिदेव के प्रकोप से मनुष्यों के जीवन में नौकरी, व्यापार, स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियां आती रहती हैं। शनि एक ऐसा ग्रह है जिसकी कृपा से जातक राजा बन सकता है और वहीं ये रुष्ट हों तो राजा से रंक भी बना सकता है। ये सब कुछ आपकी कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती से प्रभावित लोग काफी परेशान हो जाते हैं। जब शनि अशुभ फल देते हैं तो व्यक्ति का बुरा समय चलता है और उसको जीवन में अनेकों संघर्ष करने पड़ते हैं। इन परेशानियों के निवारण के लिए शनि जयंती का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शनि की अशुभता को कम करने के लिए और शुभ फलों की प्राप्ति के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय बताए गए हैं।
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Shani Jayanti Upay: 19 मई को शनि जन्मोत्सव, शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन करें ये कारगर उपाय
Thu, 18 May 2023 12:10 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 18 May 2023 12:10 PM IST
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Shani Jayanti 2023 Upay: शनि मंत्रों का जाप किसी की राशि में शनिदेव के साढ़े साती काल के प्रभावों को कम करने में मदद कर सकता है।
- फोटो : अमर उजाला
Shani Jayanti 2023
- फोटो : अमर उजाला
छाया दान
शनि ग्रह के बुरे प्रभाव को दूर करने के लिए व शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैया या शनि की किसी भी प्रकार की पीड़ा से बचने के लिए ज्योतिषी अक्सर छाया दान करने की सलाह है। इस दिन एक कांसे या लोहे की कटोरी में सरसों का तेल और सिक्का (रुपया-पैसा) डालकर उसमें अपनी परछाई देखें और तेल मांगने वाले को दे दें या किसी शनि मंदिर में कटोरी सहित तेल रखकर आ जाएं। यह उपाय इस दिन से शुरू करके फिर शनिवार को करें।आप कम से कम पांच शनिवार करेंगे तो आपकी शनि की पीड़ा शांत हो जाएगी और शनिदेव की कृपा शुरू हो जाएगी।
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Shani Jayanti 2023
- फोटो : अमर उजाला
नीले या काले कपड़े की पोटली
जीवन में आए कष्टों को दूर करने के लिए शनि जयंती के दिन एक किलो सप्तधान,आधा किलो काले तिल,आधा किलो काला चना,कुछ लोहे की कील,एक शीशी सरसों का तेल लेकर इन सभी चीजों को एक काले या नीले कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। अब शनिदेव से अपने दुःखों को दूर करने की प्रार्थना करते हुए इस पोटली को शनि मंदिर में दान कर दें,लाभ मिलेगा।
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शनि मंत्रों का जाप करें
शनि मंत्रों का जाप किसी की राशि में शनिदेव के साढ़े साती काल के प्रभावों को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही शनि देव के अन्य अवांछित प्रतिकूल प्रभावों को भी कम कर सकता है। इस दिन ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ और ‘ॐ शं शनिश्चरायै नमः’इन दो मंत्रों का यथा शक्ति जाप करें। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि चालीसा और शनिदेव की आरती भी करें। गरीब और असहाय लोगों की मदद करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। जीवन में आए संकट दूर होने लगते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
पीपल के वृक्ष की पूजा
इस दिन सूर्योदय से पूर्व या सूर्यास्त के बाद पीपल के वृक्ष के नीचे तेल का दिया जलाने से रोग, शोक और भय से मुक्ति मिलती है। शनि जन्मोत्सव से दिया जलाना शुरू करके फिर कम से कम 7 शनिवार को दिया जलाएं। ऐसा करने से शनिदेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।
इस दिन सूर्योदय से पूर्व या सूर्यास्त के बाद पीपल के वृक्ष के नीचे तेल का दिया जलाने से रोग, शोक और भय से मुक्ति मिलती है। शनि जन्मोत्सव से दिया जलाना शुरू करके फिर कम से कम 7 शनिवार को दिया जलाएं। ऐसा करने से शनिदेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।