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Guru Chandal Yog: कालसर्प दोष से भी ज्यादा विनाशकारी है चांडाल दोष, जानें इस योग के संकेत और उपाय

Mon, 15 May 2023 07:03 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 15 May 2023 07:03 AM IST
सार

गुरु चांडाल योग को ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही विनाशकारी योग माना जाता है। गुरु चांडाल योग बृहस्पति ग्रह और राहु ग्रह की युति से बनता है। जब ये दोनों ग्रह किसी एक राशि में मौजूद होते हैं तब यह विनाशकारी और अशुभ योग बनता है।

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Chandal Dosh Is More Dangerous Than Kaal Sarp Know Kaal Sarp Dosh in Kundali and Its Effects in Hindi
Guru Chandal Yog - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन, युति, मार्गी और वक्री चाल में परिवर्तन होता है तो इसका प्रभाव व्यक्ति की कुंडली में पड़ता है। हर किसी की कुंडली में हर ग्रह अलग-अलग स्थानों पर मौजूद रहते हैं। इन ग्रहों का कुंडली के स्थानों में रहना जातक के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कुछ ग्रह ऐसे होते हैं जो अगर शुभ स्थान पर विरामान होते हैं तो शुभ फल देने के लिए बाध्य होते हैं। वहीं अगर पापी ग्रह गलत घर में बैठते हैं तो जातक के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब देवताओं के गुरु बृहस्पति जब राहु-केतु के साथ युति करते हैं तो इससे अशुभ योग बनता है। गुरु-राहु की युति से बना योग चाडांल योग कहलाता है। इस तरह का ये अशुभ योग कालसर्प योग से भी ज्यादा खतरनाक होता है। आइए विस्तार से जानते हैं इस चांडाल योग के बारे में।

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कब और कैसे बनता गुरु चांडाल दोष
गुरु चांडाल योग को ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही विनाशकारी योग माना जाता है। गुरु चांडाल योग बृहस्पति ग्रह और राहु ग्रह की युति से बनता है। जब ये दोनों ग्रह किसी एक राशि में मौजूद होते हैं तब यह विनाशकारी और अशुभ योग बनता है। कुंडली के अशुभ दोषों में से गुरु चांडाल दोष को भी बहुत नुकसानदायक माना जाता है। किसी भी जातक की कुंडली में राहु और बृहस्पति के एक साथ होने से गुरु चांडाल दोष का निर्माण होता है। ज्योतिष के अनुसार, इस दोष के कारण कुंडली के अन्य शुभ योग नष्ट हो जाते हैं, जिसके कारण व्यक्ति के अपने जीवन में अत्यंत कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। गुरु चांडाल दोष के कारण व्यक्ति का धन व्यर्थ के कार्यों में खर्च होता है साथ ही ऐसे व्यक्ति को पाचनतंत्र से जुड़ी गंभीर समस्याएं होने की आशंका रहती है। 
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कुंडली में गुरु चांडाल योग के संकेत
- जब भी किसी जातक की कुंडली में गुरु चांडाल योग बनता है तो व्यक्ति के मान-सम्मान में गिरावट देखने को मिलती है। 
- अचानक से व्यापार और नौकरी में व्यक्तियों के हाथों से गलतियां होने लगती है जिससे व्यक्ति को काफी नुकसान होता है।
- गुरु- राहु की युति से बनने वाला गुरु चांडाल योग में अगर राहु का पक्ष बलवान है तो व्यक्ति गलत संगत में पड़ जाता है। ऐसे लोग जुआ और नशा करने लगते हैं।
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- कुंडली में गुरु-चांडाल योग होने से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।
- गुरु चांडाल योग से व्यक्ति को धन हानि और मानसिक परेशानियां बढ़ने लगती हैं। 

गुरु चांडाल दोष के प्रभाव से बचने के उपाय
यदि किसी की कुंडली में गुरु चांडाल दोष लगा हो तो उसे प्रत्येक गुरुवार के दिन बृहस्पतिदेव और भगवान श्री हरि विष्णु का पूजन करना चाहिए। बृहस्पतिवार के दिन पीली चीजों से गुड़, चने की दाल आदि का दान करना चाहिए। गाय को पीला भोजन करवाना चाहिए। इसके अलावा प्रतिदिन गायंत्री मंत्र या ऊं गुरुवे नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। मान्यता है कि इससे गुरु चांडाल योग के अशुभ प्रभावों से मुक्ति प्राप्त होती है।

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