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Nirjala Ekadashi 2025 Paran: निर्जला एकादशी का पारण आज, जानें व्रत खोलने का समय और विधि

Sat, 07 Jun 2025 11:04 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 07 Jun 2025 11:04 AM IST
सार

Nirjala Ekadashi Paran Niyam: 7 जून, शनिवार को द्वादशी तिथि में निर्जला एकादशी का पारण किया जाएगा। इस व्रत को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए पारण का सही समय और विधि जानना बहुत जरूरी है। पारण के दौरान व्यक्ति हल्का और शुद्ध आहार ग्रहण करता है, जिससे व्रत का पूरा फल मिलता है। 

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Nirjala Ekadashi 2025 Paran Vrat  Importance Niyam Vidhi in Hindi
Nirjala Ekadashi 2025 - फोटो : freepik

Nirjala Ekadashi 2025 Paran Vidhi: आज यानी 7 जून, शनिवार को द्वादशी तिथि में निर्जला एकादशी का पारण किया जाएगा। यह पारण व्रत का सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण माना जाता है। यदि पारण सही विधि से नहीं किया गया, तो व्रत अधूरा माना जाता है और इसका फल भी कम होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति पूरी विधि-विधान के साथ निर्जला एकादशी का व्रत रखता है और पारण करता है, उस पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है।


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इस व्रत को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए पारण का सही समय और विधि जानना बहुत जरूरी है। पारण के दौरान व्यक्ति हल्का और शुद्ध आहार ग्रहण करता है, जिससे व्रत का पूरा फल मिलता है। ऐसा माना जाता है कि पारण के बाद जीवन में कभी भी किसी वस्तु की कमी नहीं आती और मृत्यु के बाद वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। इसलिए निर्जला एकादशी का पारण श्रद्धा और नियम के साथ करना अत्यंत आवश्यक है।
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Nirjala Ekadashi 2025 Paran Vrat  Importance Niyam Vidhi in Hindi
Nirjala Ekadashi 2025 - फोटो : adobe

निर्जला एकादशी पारण का महत्व
निर्जला एकादशी का पारण वर्ष 2025 में अगले दिन, यानी द्वादशी तिथि को किया जाएगा। पारण व्रत का सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण होता है, जिसका अर्थ है उपवास का विधिपूर्वक समापन। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में सही समय, शुभता और श्रद्धा के साथ किया जाना आवश्यक है, तभी व्रत का पूरा फल मिलता है।
शास्त्रों के अनुसार, यदि पारण समय पर द्वादशी तिथि में नहीं किया जाता है तो व्रत अधूरा और निष्फल माना जाता है। भगवान विष्णु स्वयं कहते हैं कि द्वादशी को समय पर पारण न करने से व्रत का पुण्य खत्म हो जाता है। पारण करने से व्रती को व्रत का पूर्ण फल, पुण्य और ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए, पारण को बड़ी श्रद्धा और नियमबद्ध तरीके से करना चाहिए।

Nirjala Ekadashi 2025 Paran Vrat  Importance Niyam Vidhi in Hindi
Nirjala Ekadashi 2025 - फोटो : adobe stock
निर्जला एकादशी पारण का समय
द्वादशी तिथि 6 जून शाम 6 बजकर 33 मिनट से शुरू हो जाएगी। पारण का शुभ मुहूर्त 7 जून की सुबह 6 बजे से शुरू होकर दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। धार्मिक नियमों के अनुसार, पारण द्वादशी के दिन सूर्योदय के बाद करना चाहिए ताकि व्रत का सही फल प्राप्त हो सके।


 
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Nirjala Ekadashi 2025 Paran Vrat  Importance Niyam Vidhi in Hindi
Nirjala Ekadashi 2025 - फोटो : adobe

निर्जला एकादशी पारण विधि

  • ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि (7 जून, शनिवार 2025) को पारण करें।
  • सुबह स्नान करके साफ और शुद्ध वस्त्र पहनें।
  • भगवान विष्णु को प्रणाम करें और पारण की भावना बनाएं।
  • पीले फूल, तुलसी पत्र, चंदन, अक्षत और जल अर्पित करें।
  • फल, दूध, मिष्ठान्न और तुलसी पत्र के साथ भगवान विष्णु को भोग लगाएं।
  • तुलसी माला से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र 108 बार जपें।
  • विष्णु सहस्रनाम और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें और प्रणाम करें।
  • व्रत में हुई भूलों के लिए भगवान से क्षमा मांगें और व्रत स्वीकार करने की प्रार्थना करें।
  • किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को जल, अन्न, वस्त्र, पंखा, छाता, शक्कर, दक्षिणा आदि दान करें।
  • विशेष रूप से जल से भरा हुआ कलश दान करना शुभ माना जाता है।

 

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Nirjala Ekadashi 2025 Paran Vrat  Importance Niyam Vidhi in Hindi
Nirjala Ekadashi 2025 - फोटो : Adobe Stock

निर्जला एकादशी पारण में क्या खाएं?  
निर्जला एकादशी पारण के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान लगाकर ‘ॐ विष्णवे नमः’ मंत्र का जप करें और तुलसी के पत्ते अपने मुँह पर रखें। इसके बाद गंगाजल पीना शुभ होता है। पारण के बाद हमेशा हल्का, सात्विक और शुद्ध भोजन ही करें ताकि व्रत का सही फल मिल सके।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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