Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जन्मोत्सव हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से बजरंगबली की उपासना का विधान है। मान्यता है कि हनुमान जन्मोत्सव पर महावीर हनुमान जी की आराधना से न केवल व्यक्ति के संकटों का निवारण बल्कि उसके बल बुद्धि में भी वृद्धि होती है। शास्त्रों के मुताबिक संकट मोचन को आठ सिद्धियां व नौ निधियां प्राप्त हैं और वह वर्तमान में भी सशरीर धरती पर मौजूद हैं, इसलिए उनका स्मरण करने से भक्तों पर प्रभु की कृपा सदैव बनी रहती है। इस साल 12 अप्रैल 2025 को हनुमान जन्मोत्सव है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन हस्त नक्षत्र और व्याघात योग का संयोग बन रहा है। इस योग में बजरंगबली की आराधना के साथ-साथ उनके शक्तिशाली मंत्रों का जाप करने से मन में भक्ति, प्रेम-भाव व जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए इन मंत्रों को जानते हैं....
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Hanuman Janmotsav 2025: बेहतर स्वास्थ्य और कर्ज मुक्ति के लिए हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जाप
Fri, 11 Apr 2025 06:24 PM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा कुमारी
Updated Fri, 11 Apr 2025 06:24 PM IST
सार
Hanuman Jayanti 2025: हनुमान जन्मोत्सव हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से बजरंगबली की उपासना का विधान है।
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बजरंगबली की कृपा के लिए हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जाप
- फोटो : adobe stock
बजरंगबली की कृपा के लिए हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जाप
- फोटो : adobe
भय नाश करने के लिए हनुमान मंत्र
हं हनुमंते नम:।
स्वास्थ्य के लिए
नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा
हं हनुमंते नम:।
स्वास्थ्य के लिए
नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा
बजरंगबली की कृपा के लिए हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जाप
- फोटो : adobe stock
संकट दूर करने का मंत्र
ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
कर्ज मुक्ति के मंत्र
ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।
ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
कर्ज मुक्ति के मंत्र
ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।
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बजरंगबली की कृपा के लिए हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जाप
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मनोकामना के लिए मंत्र
ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।
प्रेत भुत बाधा के लिए मंत्र
हनुमन्नंजनी सुनो वायुपुत्र महाबल: अकस्मादागतोत्पांत नाशयाशु नमोस्तुते।
ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।
प्रेत भुत बाधा के लिए मंत्र
हनुमन्नंजनी सुनो वायुपुत्र महाबल: अकस्मादागतोत्पांत नाशयाशु नमोस्तुते।
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बजरंगबली की कृपा के लिए हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जाप
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हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।
पैठी पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।
जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।
पैठी पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।
जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है