हिमाचल की राजधानी शिमला में बर्फबारी के बाद शीशा बनीं सड़कों पर फिसलने से अब तक दर्जनों लोग चोटिल हो चुके हैं। शहर में बर्फ से फिसलने से एक और व्यक्ति की मौत हो गई। संजौली में तिब्बतीयन कालोनी में रहने वाला यह व्यक्ति बर्फ पर फिसलने से घायल हो गया था बाद में इसने दम तोड़ दिया।
इससे पहले गुरुवार को टूटीकंडी के पास एक नेपाली अधेड़ व्यक्ति की गिरने से मौत हो गई थी। वहीं, कमला नेहरू अस्पताल जाने वाली सड़क पर तो चलना मुश्किल हो गया है। इस सड़क पर शाम ढलते ही कोहरा जमना शुरू हो जाता है। आलम यह हो गया कि बर्फबारी के बाद से यहां से आवाजाही मुश्किल है।
सड़क पर मिट्टी तो बिछाई लेकिन कुछ जगहों पर बर्फबारी जमा होने के कारण गर्भवती महिला मरीजों और अन्य तीमारदारों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रात को अस्पताल से आवाजाही कर रहे एक युवक बर्फ पर फिसलकर गिर गया। युवक की दाईं बाजू का मास फट गया और बाईं बाजू फ्रेक्चर हो गई है।
युवक ने अपने दोस्त को फोन कर मदद के लिए बुलाया। युवक को रिपन अस्पताल पहुंचाया। शाम तक करीब 20 मरीजों को प्लास्टर लगाकर उपचार दिया गया। डीडीयू की आर्थो ओपीडी में बर्फ पर गिरकर आए मरीजों का तांता लगा रहा। आर्थो विशेषज्ञ डॉ. विशाल ने मरीजों की जांच की।
जांच के दौरान पाया गया कि पीयूष के पांव और कार्तिक की दोनों बाजू में फ्रेक्चर हुआ है। वहीं निर्मला, भीमसेन, रवि सिंह की बाजू, मनोहर लाल, दिलबर की बाजू टूट गई। जियालाल की बाजू का मास, परसराम के हाथ तथा दिनेश के पांव का मास फटा गया है। जयप्रकाश, नागेंद्र, कमलेश, कला के हाथ में फ्रेक्चर और दिनेश और अक्षय के पांव का भी मास फटा है।