रिश्वत लेने के आरोप में हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के एसपी दिवाकर शर्मा ने एसआई समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। आरोपियों से रिश्वत के रूप में ली गई राशि भी बरामद कर ली गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक एसपी दिवाकर शर्मा को पिछले काफी समय से नाके पर रिश्वत लेने की शिकायतें मिल रही थीं।
बुधवार रात को करीब दस बजे एसपी सादे लिबास में मुबारिकपुर के पास नाके पर पहुंचे। वे यह देखकर हैरान रह गए कि निर्धारित समय के अनुसार वहां कोई नाका नहीं लगाया गया था। वे कोने में खडे़ होकर इंतजार करने लगे। इतने में 10 बजकर 40 मिनट पर पुलिस की एक टीम पहुंची।
इसका नेतृत्व एसआई महिंद्र सिंह कर रहे थे। साथ में मुख्य आरक्षी संजीव कुमार और तीन गृहरक्षक भी पहुंचे और नाका लगाया। करीब दस मिनट तक एसपी उनकी गतिविधियों को देखते रहे। इसी बीच, पंजाब से श्रद्धालुओं का एक ट्रक आकर रुका। पुलिस कर्मियों ने वाहन चालक से दस्तावेज दिखाने को कहा। एक गृहरक्षक ने कागजात चेक करने की बजाय ड्राइवर से कुछ पैसे लिए और चला गया। चालक भी वापस गाड़ी में बैठ गया।
एसपी चालक के पास गए और पूछा कि गाड़ी छोड़ने के लिए पैसे दिए। चालक ने एसपी को बताया कि उसने गाड़ी निकलवाने के लिए उस होमगार्ड जवान को 200 रुपये दिए। एसपी दिवाकर शर्मा ने अपनी पहचान बताकर आरोपी होमगार्ड से पूछा तो उसने सच बता दिया और 200 रुपये भी दे दिए। एसपी ने चालक को 200 रुपये वापस कर दिए। एसपी ने कहा कि इस तरह श्रद्धालुओं से पैसे लेना गैर कानूनी कार्रवाई है। उन्होंने सब इंस्पेक्टर महिंद्र सिंह और नाका टीम को निलंबित कर दिया है
इन्हें किया गया है निलंबित- टीम में एसआई महिंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी संजीव कुमार, होमगार्ड राकेश कुमार, जरनैल सिंह और राकेश कुमार शामिल हैं। डीएसपी ऊना अशोक वर्मा ने कहा कि एसपी दिवाकर शर्मा ने कर्मियों को रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड किया है। इस पर विभागीय जांच की जा रही है।