पुरुवाला में एक बारहसिंगा रिहायशी मकान के परिसर में घुस गया। इससे करीब दो घंटे तक खूब अफरातफरी मची रही। हालांकि, इस दौरान बारहसिंगा लोगों के आकर्षण का केंद्र भी रहा। बताया जा रहा है कि बारहसिंगा करीब 3 किमी दूर स्थित कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क से रास्ता भटकते हुए पहुंचा।
इसके बाद ग्रामीणों ने डीएफओ पांवटा को सूचित किया। बारहसिंगा को सुरक्षित वापस नेशनल पार्क क्षेत्र में पहुंचा दिया गया है। देहरादून-पांवटा एनएच-7 पर पुरुवाला में चमन वाटिका है जिसमें रिहायशी मकान व कुछ दूरी पर एक इकाई है।
चमन वाटिका के मालिक अंशुल गोयल ने बताया कि सोमवार को सुबह करीब 8 बजे बारहसिंगा गेट के समीप दीवार फांद कर भीतर घुस गया। कुछ दूरी पर करनल शेर जंग नेशनल पार्क सिंबलवाड़ा से रास्ता भटकते हुए बारहसिंघा एनएच की तरफ आ गया। चमन वाटिका के बाहर सुरक्षा गार्ड ने बारहसिंगा के प्रवेश की सूचना दी।
इसके बाद डीएफओ पांवटा को सूचित कर दिया गया। करीब दो घंटे तक पुरुवाला अमरगड़ी समेत परिसर में खूब अफरातफरी का माहौल रहा। भारी संख्या में भीड़ बारहसिंगा को देखने के लिए मौके पर एकत्र हो गई। चमनवाटिका के मालिक अंशुल गोयल के चालक अमीर खान व गार्ड ने लोगों को समीप जाने से रोका व तस्वीरें खींच ली। मौके पर पहुंचे नेशनल पार्क के आरओ समेत टीम सदस्यों ने सभी भीड़ को मौके से हटवाया उसे नेशनल पार्क की ओर भेज दिया।
उधर, डीएफओ पांवटा एसएस राणा ने कहा कि सूचना मिलने पर तुरंत नेशनल पार्क सिंबलवाड़ा से टीम मौके पर भेजी। बारहसिंगा का दिल काफी कमजोर होता है। इसको जबरन पकड़ कर या बांध कर नहीं ले जाया जा सकता है। ज्यादा डरने व सहम जाने से मौत तक हो सकती है। इसलिए टीम ने आसपास से भीड़ हटाई। इसके बाद बारहसिंगा को वापस नेशनल पार्क में पहुंचाया जा सका।