फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

प्रणब मुखर्जी ने इस मंदिर में की पूजा, जानिए रहस्य

Mon, 16 Mar 2015 08:44 AM IST
Updated Mon, 16 Mar 2015 08:44 AM IST
विज्ञापन

प्रणब मुखर्जी ने इस मंदिर में की पूजा, जानिए रहस्य

President Pranab Mukherjee paid obeisance at Baglamukhi temple in kangra himachal pradesh.

भारत के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का बुलावा आखिरकार मां बगलामुखी ने स्वीकार कर ही लिया। यह मंदिर हिमाचल के कांगड़ा जिले के देहरा में स्थित है। 15 मार्च को मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद मंडी दौरा तो रद हो गया लेकिन मां बगलामुखी के दर्शनों के अभिलाषी राष्ट्रपति को निराश नहीं होना पड़ा। मां के इस शक्तिपीठ में जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा से दर्शन के लिए आया उसके दुश्मनों का सम्पूर्ण विनाश हुआ। युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए पांडवों ने भी यहां यज्ञ किया था। पढ़िए इस मंदिर का रहस्य।

प्रणब मुखर्जी ने इस मंदिर में की पूजा, जानिए रहस्य

President Pranab Mukherjee paid obeisance at Baglamukhi temple in kangra himachal pradesh.

बनखंडी गांव के समीप प्राचीन सिद्धपीठ माता बगलामुखी मंदिर में राष्ट्रपति ने करीब 40 मिनट तक गर्भ गृह में पूजा अर्चना की। महंत देव गिरी के सानिध्य में 11 विद्धान पंडितों ने राष्ट्रपति को पूजा अर्चना करवाने के साथ विधिपूर्वक सर्वसिद्धि हवन करवाया। महंत देव गिरी ने बताया कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पारिवारिक सुख शांति के लिए सर्वसिद्ध हवन करवाया है। राष्ट्रपति ने बताया कि काफी समय ने उनके मन में भावना थी कि मां का आशीर्वाद लूं। आज उनकी इच्छा पूरी हो गई। यदि मां ने दोबारा बुलाया तो फिर से मां के चरणों में शीश झुकाने के लिए आऊंगा। अब जानिए मंदिर का रहस्य..

प्रणब मुखर्जी ने इस मंदिर में की पूजा, जानिए रहस्य

President Pranab Mukherjee paid obeisance at Baglamukhi temple in kangra himachal pradesh.

मंदिर में शत्रु विनाशक हवन है विख्यात- मान्यता है कि बगलामुखी देवी की पूजा से शत्रु का नाश होता है। राजनीति और मुकदमे में विजय प्राप्त होती। सिहांसन प्राप्त होता है। बगलामुखी मंदिर के पंडितों की मानें तो शत्रुविनाशक एवं राजदरबार के लिए हवन किसी भी पहर में किया जा सकता है। अब आपकों बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, और 84 के दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर कब आए यहां और क्या मन्‍नत मांगी थी उन्होंने...

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रणब मुखर्जी ने इस मंदिर में की पूजा, जानिए रहस्य

President Pranab Mukherjee paid obeisance at Baglamukhi temple in kangra himachal pradesh.

कई दिग्गज हस्तियां बगलामुखी माता की शरण में आ चुकी हैं। इस देवी की पूजा जिस कामना के साथ की जाती है, वह पूरी हो जाती है। कई श्रद्धालु शत्रु नाश, कई मुकदमे और राजनीति में विजय प्रप्ति और कई स्वास्थ्य लाभ के लिए इस प्राचीन मंदिर में हवन करवाते हैं। कई सियासी नेता तो यहां अक्सर यहां कई बार गुप्त दौरा कर जाते हैं। 1977 में चुनाव में हार के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी बगलामुखी मंदिर में अनुष्ठान करवाया था। उसके बाद वह दोबारा सत्ता में आई और 1980 में देश की प्रधानमंत्री बनीं। इसके अलावा इस मंदिर में दिग्गज नेता अमर सिंह, जया प्रदा, आंतकवादी विरोधी फ्रंट के अध्यक्ष मनमिंदर सिंह बिट्टा, कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर, कांग्रेस नेता राज बब्बर की पत्नी नादिरा बब्बर सहित कई हस्तियां पूजा पाठ करवा चुकी हैं। बगलामुखी मंदिर के पंडितों की मानें तो मंदिर में हवन किसी भी पहर में किया जा सकता है। एक और खास बात जानिए...

विज्ञापन

प्रणब मुखर्जी ने इस मंदिर में की पूजा, जानिए रहस्य

President Pranab Mukherjee paid obeisance at Baglamukhi temple in kangra himachal pradesh.

आठवीं महाविद्या हैं मां बगलामुखी- मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या हैं। हल्दी रंग के जल से इनका प्रकट होना बताया जाता है। इसलिए, हल्दी का रंग पीला होने से इन्हें पीतांबरा देवी भी कहते हैं। इस महाविद्या की उपासना रात्रि काल में करने से विशेष सिद्धि की प्राप्ति होती है। एक और रोचक बात...

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed