जिले की सराज घाटी में फागली उत्सव पर अनोखा दैवीय चमत्कार देखने को मिला। सराज घाटी में फागली उत्सव के दौरान सैकड़ों लोग दैवीय शक्ति के गवाह बने।
मुखौटे पहन और पारंपरिक वेशभूषा में सजकर कारकूनों ने कंटीली झाड़ियों पर नृत्य किया। इस दौरान खास यह रहा कि इसमें किसी को भी चोट तक नहीं आई।
चमत्कार को देख कर दर्शक हतप्रभ रह गए। देव और राक्षस के इस युद्ध में देवताओं की जीत हो इसलिए रात को लोगों ने राख फेंक कर बुरी शक्तियों को भी क्षेत्र से दूर भगाया।
बंजार की सराज घाटी में इन दिनों फागली उत्सव की धूम मची हुई है। गांव देउठा और कडाहिल में सालों पुरानी परंपरा को निभाते हुए कांटेदार झाड़ियों का ढेर लगाया गया।
इसके बाद देवता के कारकूनों ने दैवीय शक्ति से कांटेदार बाढ़ को लांघ डाला। इसमें किसी को खरोंच तक नहीं आई। घाटी के गांव रोपा, तांदी, सजवाड़, वेलहों, बलौन, भूमिया, बाहू, नरांहा, पेखडी, शिल्ही, मोहनी, टील, पुजाली, शिकारीघाट आदि के गांवों में विष्णु नारायण के सम्मान में फागली मनाई जा रही है।