भारत-चीन सीमा से सटे शिपकिला के गांव नमज्ञा के साथ लगते डोगरी नाले में हिमखंड के नीचे दबे जैक राइफल के पांच जवानों का शुक्रवार को भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। हिमखंड में दबे जवानों में हिमाचल के चार जवान भी शामिल हैं।
किन्नौर में दबे सेना के 5 जवानों में हिमाचल के कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर का नितिन राणा और नालागढ़ के जोंघों जगतपुर का राजेश ऋषि और निरमंड खंड के विदेश चंद शामिल है, जबकि हिमाचल के ही बिलासपुर के जवान राकेश कुमार का शव बुधवार को ही निकाल लिया गया था।
शुक्रवार को शहीद राकेश कुमार बिलासपुर के शाहतलाई में पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
पिछले 72 घंटे से भारतीय सेना, आईटीबीपी, पुलिस और स्पेशल क्यूआरटी की टीम लापता जवानों की तलाश में युद्धस्तर पर जुटी हुई है। वीरवार को फिर हिमखंड गिरने और बार-बार बर्फबारी सर्च ऑपरेशन में लगातार बाधा डाली, लेकिन शुक्रवार को मौसम साफ रहने पर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला, बावजूद इसके अभी तक हिमखंड में दबे जवानों का कोई सुराग नहीं लग पाया।
गौर हो कि बुधवार सुबह गश्त पर निकले भारतीय सेना के छह जवान अचानक गिरे हिमखंड के नीचे दब गए थे। इनमें से हिमाचल के बिलासपुर जिले के जवान राकेश कुमार का शव बरामद कर लिया गया था, जबकि अन्य पांच जवानों को अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।
हिमखंड की चपेट में आने से आईटीबीपी के भी पांच जवान जख्मी हुए थे। लापता जवानों की तलाश में सेना के करीब 200 जवान, आईटीबीपी की 17वीं वाहिनी के 100 जवान, डीएसपी किन्नौर धनसुख दत्ता की अगुवाई में जिला पुलिस बल, स्पेशल क्यूआरटी की टीम और सीमा सड़क संगठन के जवान और मशीनें बड़े स्तर पर सर्च कर रही हैं।