नववर्ष के जश्न के लिए हिमाचल प्रदेश तैयार है। वहीं, नए साल पर यदि बर्फबारी होती है तो जश्न दोगुना हो जाएगा। नए साल के इस्तकबाल के लिए सैलानियों के मनोरंजन के लिए यहां खास बंदोबस्त किए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों तथा निजी होटलों में 31 दिसंबर की रात स्पेशल न्यू ईयर पार्टी का आयोजन होता है। क्रिसमस और न्यू इयर के मौके पर सैलानी और स्थानीय लोग एचपीटीडीसी के होटलों में लाइव म्यूजिक के साथ डाइन एंड डांस का लुत्फ उठा सकेंगे। निगम के होटलों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। गाला नाइट्स में कपल और बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिताएं, मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी। मनाली क्वीन, भागसू क्वीन के अलावा होटल स्तर पर बेस्ट डांसिंग कपल का चयन कर आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।
New Year 2024: शुद्ध आबोहवा, प्राकृतिक नजारों के बीच इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों में मनाएं नए साल का जश्न
ऐतिहासिक शहर शिमला
ब्रिटिशकाल में देश की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही हिल्सक्वीन के नाम से मशहूर शिमला की खूबसूरत वादियां देसी के साथ विदेशी पर्यटकों की भी प्रमुख सैरगाह है। शिमला में ऐतिहासिक मालरोड, रिज, क्राइस्ट चर्च, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान(एडवांस्ड स्टडी), गेयटी थियेटर, राज्य संग्रहालय के अलावा कई ऐतिहासिक इमारतें व दर्शनीय स्थल हैं। वहीं, प्रसिद्ध जाखू हनुमान मंदिर, तारादेवी मंदिर, संकटमोचन मंदिर के अलावा कालीबाड़ी मंदिर शिमला के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। जाखू मंदिर के लिए रोपवे या सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। नए साल के जश्न के लिए शिमला में भी खास इंतजात रहते हैं। इस बार विंटर कार्निवल का भी आयोजन होगा।
पर्यटन स्थल कुफरी
वहीं, शिमला से करीब 15 किलोमीटर दूर कुफरी पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाहों में से एक है। प्राकृतिक नजारों से भरपूर कुफरी में घुड़सवारी, रोप क्लाइबिंग, जिप लाइन का लुत्फ उठाने के अलावा सेब के बगीचे भी निहार सकते हैं। इसके अलावा कुफरी चिड़ियाघर में कई तरह के वन्य जीव आकर्षण का केंद्र रहते हैं। सोलन जिले के चायल, बड़ोग और कसौली में घूम सकते हैं। चंड़ीगढ़ से सीधी बस सेवा या विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला ट्रैक पर रेल के जरिये शिमला पहुंचा जा सकता है। वहीं, दिल्ली से एचआरटीसी व पर्यटन निगम की सीधी बस सेवा की भी सुविधा है। इसके अलावा जुब्बड़हट्टी तक हवाई मार्ग से भी सफर किया जा सकता है।
कुल्लू-मनाली
हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में घूमने के लिए कई मनोरम स्थल है। मनाली, रोहतांग पास, सोलंगनाला, रोहतांग टनल, वशिष्ठ, हिडिंबा मंदिर, मनाली गांव, नग्गर, जलोड़ी दर्रा, पार्वती घाटी, मणिकर्ण, तीर्थन, बंजार और जिभी आदि स्थल पर्यटकों से भरे रहते हैं। देवदार से घने जंगल व बर्फ से लकदक वादियां सैलानियों को यहां आने पर मजबूर करती हैं। यहां पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग आदि का भी आनंद उठा सकते हैं। कसोल को मिनी इजराइल भी कहा जाता है।
अटल टनल रोहतांग, सिस्सू
वहीं, 10040 फीट की ऊंचाई पर स्थित विश्व में सबसे लंबी अटल टनल रोहतांग पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाहों में शामिल है। 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग किसी अजूबे से कम नहीं है। यह टनल अपनी विशेषताओं के लिए खास है। अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के सिस्सू तक कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। बर्फ से लदी खूबसूरत वादियां नया साल मनाने के लिए एक उपयुक्त जगह हो सकती है। अटल टनल का नॉर्थ पोर्टल सहित लाहौल का सिस्सू इन दिनों बर्फ से लकदक है। कुल्लू- मनाली के लिए सड़क या हवाई मार्ग से पहुंचा जा सकता है।