दिवंगत पूर्व बागवानी मंत्री और मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा को श्रद्धांजलि देने के लिए जगह-जगह पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भावावेश में कई जगहों पर तो लोग कोरोना संक्रमण के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रख पाए। बरागटा के निधन की सूचना सुबह ही आ गई थी तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया था। सीएम जयराम ठाकुर और भाजपा के अन्य नेता चंडीगढ़ में ही थे तो सुबह पहले नरेंद्र बरागटा की पार्थिव देह हिमाचल भवन लाई गई।
तस्वीरें: दिवंगत नरेंद्र बरागटा के अंतिम दर्शन के लिए जगह-जगह पहुंचे कार्यकर्ता, फूट-फूट कर रो पड़े समर्थक
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इसके बाद छैला बाजार में भी लोग उमड़ आए। कोटखाई की सीमा पर भुईं से आगे तो बड़ी संख्या में उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग इकट्ठा हो गए। यहां उनकी पार्थिव देह को लोगों के आखिरी दर्शन के लिए खुली गाड़ी में कोटखाई तक ले गए। कोटखाई में बड़ी संख्या में समर्थक जुट आए। बरागटा के गांव टहटोली तक इसी तरह से लोग उमड़ आए। पूरा जुब्बल-कोटखाई ही नहीं, आसपास के तमाम क्षेत्रवासी और प्रदेशवासी उन्हें याद करते रहे।
प्रदेश सरकार में मुख्य सचेतक एवं पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा के निधन की सूचना से जुब्बल नावर कोटखाई सहित समूचा बागवानी क्षेत्र शोक में है। पीजीआई चंडीगढ़ से बरागटा का पार्थिव शरीर विधानसभा क्षेत्र जुब्बल कोटखाई की सीमा गुम्मा में पहुंचते ही जगह-जगह लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
पार्थिव शरीर कोटखाई पहुंचते ही उनके समर्थक फूट-फूट कर रो पड़े। जगह-जगह नरेंद्र बरागटा अमर रहे के नारे भी गूंजते रहे। कोटखाई के मैदान में पार्थिव शरीर दोपहर बाद करीब तीन बजे अंतिम दर्शन के लिए पहुंचाया गया। यहां पहले से ही कार्यकर्ता व क्षेत्र के लोग मौजूद थे। प्रशासन की ओर से डीएसपी ठियोग व एसडीएम वहां पहले से व्यवस्था के लिए पहुंच गए थे।
बरागटा के पार्थिव शरीर पर कोटखाई में प्रशासन की ओर से एसडीएम ठियोग व पुलि की ओर से डीएसपी ठियोग, थाना प्रभारी कोटखाई ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।