शिमला नगर निगम में पार्षदों की पहली मासिक बैठक में मेयर-डिप्टी मेयर के गुम्मा दौरे को लेकर जमकर हंगामा बरपा। कांग्रेसी पार्षदों ने मेयर कुसुम सदरेट पर सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर तकनीकी विशेषज्ञों को साथ लिए बिना क्यों यह दौरा किया गया? सबसे पहले जाखू से कांग्रेस पार्षद अर्चना धवन ने पूछा कि मेयर ने वहां जाकर सब खामियां देख ली होंगी, तो अब हमें बताएं कि कब तक इसकी लीकेज ठीक करवाएंगी, शहर की जनता को कब से नियमित पानी की सप्लाई देंगी। इसी बीच उनकी बात काटते हुए लोअर ढली से भाजपा पार्षद शैलेंद्र चौहान ने मेयर का बचाव करते हुए कहा कि यह लीकेज मेयर नहीं बल्कि हम सब ठीक करवाएंगे। शैलेंद्र के इतना कहते ही कांग्रेसी पार्षद और भड़क गए। इनका कहना था कि जब सवाल मेयर से किया जा रहा है तो भाजपा के पार्षद क्यों जवाब देने लगते हैं।
MC SHIMLA: मेयर, डिप्टी मेयर के गुम्मा दौरे पर सदन में हंगामा
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आरती चौहान, किरण बाबा, सत्या कौंडल समेत कई भाजपा पार्षदों ने बचाव करते हुए सवाल किया कि आखिर एक्सपर्ट हमारे साथ क्यों नहीं आए। कहा कि पानी को लेकर मेयर नहीं एसई जवाब देंगे। बहस बाजी यहीं नहीं रुकी। कांग्रेसी पार्षद अर्चना धवन ने स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज को निशाने पर लेते हुए पूछा कि आप लगातार दो बार से विधायक है। 10 साल में वह कितनी बार गुम्मा गए हैं। ये पूरे शिमला की दिक्कत है, विधायक बताए उन्होंने क्या किया? दोनों के बीच काफी देर तक तीखी नोंकझोंक होती रही। विधायक ने जवाब देते हुए कहा कि बैठक में पर्सनल न हों और समस्याओं पर बात की जाए।
कांग्रेसी पार्षदों ने पूछा निगम की बैठक में भाजपा कार्यकर्ता क्या कर रहे थे?- डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ने कहा कि गुम्मा दौरे के पूरे इंतजाम थे फिर भी कांग्रेसी पार्षद नहीं आए। साथ ही यह आरोप गलत है कि टेक्निकल लोग साथ नहीं ले जाए गए। मैं बता दूं कि जो वहां तैनात हैं वे भी तकनीकी रूप से सक्षम हैं। तभी वहां काम कर रहे हैं। खामियां तभी पता चल पाई। कांग्रेसी पार्षदों ने दौरे में न आने पर सफाई दी। पार्षद मीरा ने कहा कि एक दिन पहले बचत भवन में निगम की परिचय मीटिंग थी। उसमें भाजपा के लोग क्या कर रहे थे? सुषमा कुठियाला ने कहा कई कांग्रेसी पार्षदों को तो बैठने तक की सीट नहीं मिली। मीरा ने मेयर से पूछा आखिर उस बैठक का खर्चा कौन उठाएगा? इस पर सुरेश भारद्वाज ने पलटवार किया और कहा कि जब आप पिछला चुनाव जीती थी तो आपके नेता येचुरी जी को मैंने सीट दी थी। वह भी तो बैठक में आए थे। मीरा ने कहा वह निगम की मीटिंग नहीं, शपथ समारोह था। बाद में सुरेश भारद्वाज ने मामला शांत करते हुए कहा कि सदन को आगे बढ़ाने की अपील की।
दो माह में बनानी होंगी वार्ड कमेटियां- बैठक में सभी 34 पार्षदों को दो माह के भीतर वार्ड कमेटियां बनाने के दिशा निर्देश भी जारी किए गए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस कमेटी में पार्षद अध्यक्ष होंगे जबकि नौ अन्य सदस्य शामिल होंगे। इसके लिए पार्षद अपने वार्ड में जाकर लोगों को इकट्ठा करें और कमेटी चुनें। नए पार्षदों को समझाते हुए सुरेश भारद्वाज ने साफ किया कि वार्ड में जो भी काम होंगे, उनके लिए वार्ड कमेटियां एनओसी देंगी। कांग्रेस पार्षद मीरा ने कमेटी बनाने को लेकर प्रचार प्रसार का जिम्मा निगम प्रशासन को लेने की मांग की। इस पर कहा गया कि कमेटियां बनाने की पूरी जिम्मेदारी पार्षद की होगी।
टूटीकंडी रोपवे को 6 माह का एक्सटेंशन- बैठक में टूटीकंडी रोपवे के निर्माण को छह माह का एक्सटेंशन देने पर भी चर्चा की गई। इस प्रस्ताव पर टूटीकंडी के पार्षद आनंद कौशल ने सुझाव दिया कि आईएसबीटी को भी इस रोपवे में कहीं लिंक किया जाए ताकि पर्यटक आईएसबीटी भी पहुंच सके। वहीं, सुरेश भारद्वाज ने सवाल कि आखिर क्यों इस रोपवे का काम शुरू नहीं हो रहा है। दो साल से काम अटका पड़ा है। सभी सुझावों को लेते हुए आयुक्त ने कहा कि नए संशोधनों को शामिल करने के बाद इसे एक्सटेंशन देने पर दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।