हिमाचल के महाकाली माता एवं माता चतुर्भुजा मंदिर पुरानी मंडी में बुधवार रात को वार्षिक जाग हूम मनाया गया। इसमें देवी-देवताओं की अगुवाई में माता के गूरों ने दहकते हुए अंगारों पर चल कर अग्निपरीक्षा दी।
वर्षभर होने वाली आपदाओं एवं विपत्तियों और देवताओं-डायनों के बीच चल रहे युद्ध का वृतांत सुनाया। इस वर्ष दोनों बराबरी पर रहे। महाकाली मंदिर के प्रधान रवि शर्मा ने बताया कि जाग से पूर्व जय दुर्गे सर्व शक्ति भजन मंडल मंडी के गायक भीम सिंह, नरेश कुमार, नवल किशोर, नरेंद्र ठाकुर सहित अन्य कलाकार ने भजन और भेंटों से मां का गुणगान किया।
अंगीठा पूजन के बाद रात ठीक 12 बजे जाग हूम शुरू हुई। इसमें माता नैणा उग्रतारा कुथवाड़ी के गूर राज कुमार, चामुंडा माता स्कूल बाजार के गूर जय चंद, शीतला के गूर रमेश, कोयला देवी के जितेंद्र कुमार और महाकाली के गूर आयुष शर्मा ने अग्नि पर चल कर परीक्षा दी। मंदिर में गूर के माध्यम से माता की ओर से वर्ष भर होने वाली आपदाओं का वर्णन सुनाया।
कहा कि इस वर्ष डायनों और देवताओं का पलड़ा बराबर रहा। इस दौरान मंदिर कमेटी और श्रद्धालुओं के सहयोग से भंडार का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर कमेटी के सचिव सुमन, सदस्यों में नीलम ठाकुर, सोनू ठाकुर, गिरधारी लाल और गूर कुशाल सहित अन्य मंदिरों से आए पदाधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
वहीं ग्राम पंचायत मांडल के मानपुर में स्थित महाकाली मंदिर में बुधवार देर रात जाग हूम का आयोजन किया गया। इसमें आसपास एवं दूरदराज गांवों के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विभिन्न क्षेत्रों से आई भजन मंडलियों ने भजन-कीर्तन करके माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंदिर परिसर में एक बहुत बड़ा आग का अलाव भी जलाया गया। माता के गूर जलते अंगारों पर चले। माता ने गूर के माध्यम से भविष्यवाणी कर भक्तों को सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया।