देश की राष्ट्रीय राजनीति में हिमाचल के लिए सोमवार का दिन अहम सबसे अहम रहा। प्रदेश के बिलासपुर निवासी जगत प्रकाश नड्डा ने दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कही जाने वाली भाजपा के दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला। पहली बार भाजपा की कमान पहाड़ी राज्य के किसी नेता ने संभाली है। निर्वाचन अधिकारी राधामोहन सिंह ने इसकी घोषणा की। राष्ट्रीय कार्यालय में संपन्न हुई चुनावी प्रक्रिया के दौरान अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे। इसके बाद पहली बार भाजपा की कमान पहाड़ी राज्य का कोई नेता संभालेगा।
उधर, नड्डा की ताजपोशी पर हिमाचल से लेकर दिल्ली तक जश्न मनाया गया। नड्डा के अध्यक्ष पद पर मनोनयन के अवसर पर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सभी मंडलों से कार्यकर्ता पहुंचे। कई कार्यकर्ता हिमाचली वेशभूषा में पहुंचे थे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री समेत तमाम नेताओं ने परंपरागत वाद्य यंत्रों की धुनों पर हिमाचली नाटी भी डाली।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी संभालने वाले जगत प्रकाश नड्डा 1993 में विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बने थे। 1998 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नड्डा को पार्टी सीएम बनाना चाह रही थी लेकिन उनके पीछे हटने से प्रेम कुमार धूमल का नाम प्रस्तावित किया गया। वर्ष 2009 में मंत्री पद छोड़कर वह दिल्ली चले गए। कड़े संघर्ष के बाद भाजपा संसदीय बोर्ड का सचिव पद भी नड्डा के पास रहा।
पिछले साल लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और अब साेमवार काे राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उनकी ताजपोशी की गई।। जेपी नड्डा 1977 से 1979 तक रांची में रहे। उनके पिता रांची विश्वविद्यालय के कुलपति व पटना विवि के प्रोफेसर रहे। नड्डा 1975 में जेपी आंदोलन से सुर्खियों में आए।
इस आंदोलन में भाग लेने के बाद जेपी नड्डा बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। 1977 में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और सचिव बने थे। पटना से स्नातक के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। 1983 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में वह विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष चुने गए।