हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने एक बार फिर देश की सेना में अफसर बनने में अपना दम दिखाया है। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड से हिमाचल प्रदेश के 24 युवा पासआउट होकर देश की सेना में लेफ्टिनेंट बन गए। उप थल सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जन. एनपीएस हीरा ने परेड की सलामी ली।
देवभूमि ने सेना को दिए 24 जाबांज अफसर, पढ़िए इनके लेफ्टिनेंट बनने तक का संघर्ष
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चचेरे भाई से मिली प्रेरणा- हिमाचल प्रदेश के खैरी सुजानपुर टीरा, हमीरपुर निवासी अभिषेक डोगरा शनिवार को पीओपी से पासआउट होकर सेना में अफसर बन गए। उनके पिता श्रीप्रकाश कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। मां नानी मिंटो गृहिणी हैं। चंडीगढ़ से मेकैनिकल इंजीनियरिंग करने वाले अभिषेक ने बताया कि उनके चचेरे भाई स्क्वॉड्रन लीडर अरुण ठाकुर उनके लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने एनडीए से प्रशिक्षण प्राप्त कर आईएमए से प्रशिक्षण लेकर कमीशन हासिल किया है।
पहला आर्मी अफसर बेटा- हिमाचल प्रदेश के नूरपुर के नारां ब्राहम्णा सहोड़ा (कांगड़ा) निवासी सौरव भारती भी आईएमए की पीओपी से पासआउट होकर देश की सेना में अफसर बन गए। उन्होंने बताया कि उनकी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल सुजान पटीरा से हुई। उनके पिता संतोष सिंह शिक्षक और माता राणो देवी गृहिणी हैं। उनके माता-पिता ही उनके लिए प्रेरणास्त्रोत रहे। वह अपने परिवार के पहले आर्मी ऑफिसर हैं।
कारगिल युद्ध ने दी प्रेरणा, बन गया अफसर- उस वक्त उम्र काफी कम थी, लेकिन टीवी पर कारगिल युद्ध की खबरें, देश की सेना का जज्बा देखकर हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर टीरा निवासी अमित जोशी ने भी आर्मी में जाने का सपना देखा। शनिवार को आईएमए की पासिंग आउट परेड में उनके अफसर बनने के साथ ही उनका सपना पूरा हुआ। अमित के पिता सुरेंद्र जोशी का हार्ट अटैक से वर्ष 1998 में निधन हो चुका है। माता तृप्ति जोशी सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। सैनिक स्कूल से पढ़ने वाले अमित ने बताया कि कारगिल युद्ध ही सही मायनों में उनके लिए सेना में अफसर बनने की प्रेरणा है।
कैप्टन पठानिया का बेटा बना लेफ्टिनेंट- पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए आईएएस अधिकारी कैप्टन जेएम पठानिया का बेटा दिग्विजय सिंह पठानिया भी सैन्य अफसर बन गया है। शनिवार को इंडियन मिलिट्री अकादमी देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड के साथ ही दिग्विजय पठानिया लेफ्टिनेंट बन गए हैं। दिग्विजय 9वीं कुमाऊं रेजिमेंट में सेवाएं देंगे। दिग्विजय पठानिया की पासिंग आउट परेड में कैप्टन जेएम पठानिया और उनकी धर्मपत्नी मौजूद रहीं। कैप्टन पठानिया स्वयं भी भारतीय सेना से ही प्रशासनिक सेवाओं में आए थे। वह 2008 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में नगर निगम धर्मशाला के कमिश्नर एवं स्मार्ट सिटी धर्मशाला के सीईओ कम एमडी भी हैं। पंजाब के होशियारपुर जिले के दत्तारपुर गांव के रहने वाले जेएम पठानिया का धर्मशाला से भी नाता रहा है।