हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के संधोल निवासी शहीद विंग कमांडर मोहित राणा की पार्थिव देह शनिवार को उनके चंडीगढ़ स्थित घर पहुंची तो सबकी आंखें नम हो गईं। अपराह्न 3:30 बजे सेक्टर-25 स्थित मुक्तिधाम में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की पत्नी निधि ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले मोहित राणा की बहनों मीनाक्षी और शबनम ने अपने भाई के ताबूत में राखी बांधी। अंतिम संस्कार की अन्य रस्में शहीद की पत्नी के साथ भतीजे रोहित ने पूरी कीं।
Shaheed Mohit Rana: शहीद विंग कमांडर मोहित राणा के ताबूत को बहनों ने बांधी राखी, पत्नी ने दी मुखाग्नि
विमान को मोहित उड़ा रहे थे। हादसे के समय मोहित की पत्नी और बेटी राजस्थान में ही मौजूद थीं, जिन्हें वायुसेना के जवान अपने साथ ही चंडीगढ़ लेकर आए।
पिता को है बेटे पर गर्व
-बेटे को अंतिम सलामी के दौरान मोहित के पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल ओम प्रकाश राणा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। बेटे ने देश सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। कर्नल ओम प्रकाश ने सैन्य वेशभूषा में पुष्प अर्पित कर बेटे को अंतिम सलामी दी।
जब शहीद की तीन साल की बेटी हरिव्य ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए तो साथी सैनिक, जिला प्रशासन के अधिकारी सहित मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
इसके बाद जब शहीद के पार्थिव शरीर को मुक्तिधाम लाया गया तो सन्नाटा पसर गया। इस सन्नाटे में शहीद की पत्नी की गोद में बैठी उनकी तीन साल की बेटी हरिव्य के बिलख-बिलख कर रोने की आवाज आ रही थी। यह देखकर कई लोगों की आंखें छलक पड़ीं।