हिमाचल प्रदेश में सोमवार रात 17 जगह बादल फटे हैं। इसमें मंडी जिले में 15 और कुल्लू और किन्नौर जिले में एक-एक जगह बादल फटा है। मंडी जिले में बारिश, बादल फटने और ब्यास नदी व नालों के रौद्र रूप से भारी तबाही मची है। मंडी में पांच समेत पूरे प्रदेश में 7 लोगों की जान चली गई है। 16 लोग अभी लापता हैं। छह लोग घायल भी हुए हैं। 332 लोगों को जगह-जगह से रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई गई है। अकेले मंडी जिले में 24 घर और 12 गोशालाएं जमींदोज हो गई हैं। 30 पशुओं की मौत हो गई है। कुकलाह के समीप पटीकरी प्रोजेक्ट बह गया है। एक पुल ध्वस्त हो गया है।
HP Cloud Burst: एक ही रात 17 जगह बादल फटे; सात की मौत, 16 लापता , तस्वीरों में देखें तबाही
प्रदेश में जगह-जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। प्रदेश में बीती रात से जारी मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही है।
सात लोग सैलाब में बह गए
गोहर उपमंडल के स्यांज में सोमवार रात नौ लोगों के साथ दो घर बह गए। इनका फिलहाल कोई सुराग नहीं लगा है। बाड़ा में एक घर के ढहने से छह लोग दब गए। इनमें से चार को रेस्क्यू कर लिया गया जबकि दो शव बरामद हुए हैं। टिकरी प्रोजेक्ट से करीब दो दर्जन लोग रेस्क्यू किए गए हैं। गोहर के ही बस्सी में फंसे हुए दो लोगों को रेस्क्यू किया गया जबकि परवाड़ा में मकान बहने के कारण एक ही परिवार के दो सदस्य गायब हैं जबकि एक का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, बच्ची सुरक्षित है। केलोधार में घर ढहने के कारण फंसे आठ लोगों को रेस्क्यू किया गया।
आठ घर बाढ़ के चलते बह गए
थुनाग उपमंडल में कुकलाह में करीब आठ घर बाढ़ के चलते बह गए। लस्सी मोड़ में एक कार बह गई। रैल चौक में करीब चार मवेशी बह गए। पटिकरी में 16 मेगावाट का एक पावर प्रोजेक्ट भी बाढ़ में बह गया। इसका नामोनिशान तक नहीं रहा। करसोग उपमंडल के कुट्टी नाला में सोमवार रात नदी किनारे सात लोग फंस गए। इन्हें एनडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित बचाया। इसके अलावा एक घायल को भी रेस्क्यू किया। पुराना बाजार करसोग नेगली पुल में बाढ़ के बाद चार लोग लापता चल रहे हैं जबकि एक शव बरामद कर लिया गया है। यहां छह घरों को नुकसान पहुंचा है। करसोग इमला खड्ड में रिक्की गांव से सात लोगों को सुरक्षित बचाया गया। करसोग बाईपास से भी सात लोग रेस्क्यू किए गए। करसोग कॉलेज से 12 छात्रों और चार महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। बाढ़ के चलते इन सभी जगहों में हालात बिगड़ गए थे।
सुजानपुर में जलभराव होने से फंसे 51 लोग किए रेस्क्यू
हमीरपुर जिले के सुजानपुर उपमंडल के बल्लह गांव में ब्यास नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जलभराव होने से 51 लोग फंस गए, जिन्हें पांच घंटे बाद रेस्क्यू किया गया। औद्योगिक क्षेत्र नादौन में जलभराव हुआ है। हमीरपुर मंडी निर्माणाधीन एनएच समेत कई सड़कें बाधित हैं। हमीरपुर शहर सहित जिले में ब्यास नदी और अन्य खड्डों से संचालित सैकड़ों पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने से ब्लैकआउट हो गया है।
मंडी में कहां-कहां फटे बादल
करसोग के रिक्की, कुट्टी, ओल्ड बाजार, गोहर के स्यांज, बाड़ा, बस्सी, परवाड़ा, तलवाड़ा, कैलोधार, धर्मपुर के त्रियंबला, भडराना, थुनाग के कुटाह, लस्सी मोड़, रेल चौक, पट्टीकारी।धर्मपुर उपमंडल के स्याठी गांव में बादल फटने की घटना के बाद दो घर और पांच गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। जोगिंद्रनगर उपमंडल में नेरी कोटला में एक अज्ञात शव बरामद हुआ है। सदर उपमंडल में मंडी शहर में पैलेस कॉलोनी, टारना और डाइट मंडी में जलभराव व भारी बारिश के चलते 56 लोगों को रेस्क्यू किया गया।