देवभूमि हिमाचल प्रदेश में एक सप्ताह बाद फिर सक्रिय हुए मानसून ने सोमवार को जमकर तबाही मचाई है। अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि दो अब भी लापता हैं। अकेले कांगड़ा, हमीरपुर और चंबा में ही 16 से ज्यादा घर और दुकानें ध्वस्त हो गई हैं। कारें-पुल बह गए हैं। प्रदेश भर में बिजली के 148 ट्रांसफार्मर और पानी की दर्जनों योजनाएं ठप हैं। जगह-जगह भूस्खलन से सात नेशनल हाईवे समेत प्रदेश भर में 252 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हैं।
हालांकि, कुछ सड़कों को बहाल कर दिया गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की 60 बसें आधे रास्ते में फंसी हुई हैं। सोमवार को रेड अलर्ट के बीच भारी बारिश से प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। चंबा में भूस्खलन की जद में आई कार रावी में समा गई। कार में सवार महिला का बरामद कर लिया है जबकि अन्य दो लोग लापता हैं। कांगड़ा के जिया में नाले में एक व्यक्ति का शव मिला है।
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स्कूल जलमग्न।
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कांगड़ा के आशापुरी में बिजली गिरने से तीन भेड़ों समेत चार मवेशियों की मौत हो गई है। सरकाघाट के पपलोग में ट्रैक्टर, बिलासपुर में कार मलबे में दब गई। पंचरुखी के मच्छयाल नाले के पास पार्क कार बह गई।
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मकान ध्वस्त
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ज्वालामुखी में चिड़ू गांव को गंजू बाग से जोड़ने वाला पुल और हासरी को संधोल से जोड़नी वाली पुलिया बह गई है। कांगड़ा के फतेहपुर में 13 घरों को नुकसान हुआ है।पीड़ित लोगों को गुरुद्वारे में शिफ्ट किया गया है।
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भूस्खलन की चपेट में आने से बची बस।
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चंबा के भटियात में 40 लोगों को मिडल स्कूल खड़ांदर में शिफ्ट किया गया है। खराब मौसम के चलते कांगड़ा घाटी में रेल सेवा एक सप्ताह से बंद है। वहीं, प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश से मक्की और सब्जियों को नुकसान होने की सूचना है। कृषि विभाग ने कृषि फसलों के नुकसान को लेकर रिपोर्ट तलब की है।
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शिमला में झमाझम बारिश।
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दूसरी ओर, प्रदेश में बागवानी क्षेत्र के लिए बारिश लाभकारी मानी जा रही है। बारिश से सेब और अन्य फलों का आकार बढ़ेगा। राज्य के कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक नरेंद्र कुमार धीमान ने कहा कि बारिश से मक्की और सब्जियों को नुकसान हुआ है, जबकि धान की फसल के लिए बारिश अच्छी है।