हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच जारी बारिश, अंधड़ और ओले गिरने से शिमला, सोलन और मंडी में सेब, शिमला मिर्च और टमाटर को भारी नुकसान हुआ है। वहीं निचले इलाकों में आम और गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बुधवार रात और गुरुवार दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि ने किसानों-बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रदेश खराब मौसम के कारण 179 सड़कें, दो नेशनल हाईवे, एक राज्यमार्ग यातायात के लिए बंद हो गया है।
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घर गिरा।
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कुल्लू-मनाली, मंडी की चोटियों, लाहौल, किन्नौर में बर्फबारी हुई है। बुधवार रात शिमला में रिकॉर्ड 86 मिलीमीटर बारिश हुई है। कोकसर में हिमखंड गिरा है। औट में घर ध्वस्त हो गया है। प्रदेश के अधिकतम तापमान में 10 डिग्री की कमी आई है।
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बर्फबारी से लाहौल में खराब हुई गोभी।
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लाहौल घाटी में दो दिन से अंधेरा पसरा हुआ है। बीएसएनएल की सेवाएं भी बंद हैं। भरमौर के मांडो गांव में गोशाला पर भूस्खलन से मलबा गिरने से 31 भेड-बकरियां और छह मवेशी दब गए। कुल्लू में राष्ट्रीय राजमार्ग-तीन में जिया से रामशिला के बीच पत्थर गिर रहे हैं।
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अटल टनल बंद।
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मनाली-लेह मार्ग अभी बंद है। दो दिन में बीआरओ और पुलिस ने बारालाचा दर्रे से 233 लोग रेस्क्यू क्रिए। ट्रक चालकों सहित अन्य लोगों को बीआरओ के कैंप जिंगजिंगबार पहुंचाया। अटल टनल रोहतांग के साथ औट-आनी-सैंज हाईवे-305 ठप है।
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सड़क को बीआरओ ने बहाल किया।
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जिला मंडी में गुरुवार को बारिश से कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही। किन्नौर जिले में पूह-काजा की ओर आवाजाही ठप है। रल्ली के पास हिमखंड गिरने से बाधित नेशनल हाईवे 18 घंटे बाद बहाल किया। पांगी-भरमौर की चोटियों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश से सेब और फलदार ( खुमानी, पलम) पेड़ों से फूल झड़ने से 25 प्रतिशत फसल खराब हो गई है।