हिमाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में रविवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। शिमला और ऊपरी क्षेत्रों में दोपहर बाद भारी ओलावृष्टि हुई। राजधानी की सड़कें कुछ ही देर में सफेद हो गईं। ठियोग और ऊपरी क्षेत्रों में ओले गिरने से सेब के फूल झड़ गए हैं। पिछले एक सप्ताह में ही सेब बागवानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है।
लोअर हिमाचल में कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर समेत अन्य जिलों में पक चुकी गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। उधर, मंडी के पधर के चंद्राबग्गी में बिजली गिरने से पांच मवेशियों की मौत हो गई, जबकि पशुपालक घायल हो गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार और मंगलवार को भी तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में बारिश और पहाड़ी इलाकों में हिमपात का पूर्वानुमान है।
नौ और दस अप्रैल को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में तेज हवाओं के साथ ओले गिर सकते हैं। रविवार को प्रदेश में मौसम खराब रहने से अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे ठंड बढ़ गई है।
शिमला में रविवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। शाम को तेज गर्जना के साथ भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में हल्के फाहे गिरने की भी सूचना हैं। रविवार को शिमला में अधिकतम तापमान 20.0, ऊना 35.0, नाहन 29.5, सोलन 25.0, सुंदरनगर 28.5, भुंतर 29.5, कल्पा 18.0 और कांगड़ा 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।