इस शहर में हिमाचल की पहली मोनोरेल दौड़ेगी। हिमाचल सरकार शिमला शहर में हिमाचल की पहली मोनोरेल चलाने की तैयारी में है। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। स्विट्जरलैंड की एक कंपनी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष इसके लिए प्रस्तुति दी।
प्रस्तावित मोनोरेल आईएसबीटी टुटीकंडी से पंथाघाटी तक चलेगी। 14 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर यात्रियों के लिए 12 स्टॉपेज होंगे। यह दूरी 20 मिनट में तय होगी। एक घंटे में लगभग 1000 यात्रियों को ले जाने की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के लिए कम भूमि की जरूरत होगी और एक भी पेड़ नहीं कटेगा।
हालांकि, इससे पहले पूर्व सरकार ने धर्मशाला में भी मोनोरेल चलाने की कवायद की थी, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ी। पचास साल का अनुभव रखने वाली स्विट्जरलैंड की कंपनी इंटेमिन ट्रांसपोर्टेशन के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि सभी औपचारिकताओं के बाद इस परियोजना को लगभग दो साल में पूरा कर लिया जाएगा।
कंपनी कई देशों में ऐसी परियोजनाएं पूरा कर चुकी है। मोनोरेल फीडर लाइन के तौर पर सेवा प्रदान करेगी और शहर में बस सेवा का बेहतर विकल्प होगी। इस मौके पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, नगर निगम शिमला के आयुक्त पंकज राय, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क अनुपम कश्यप उपस्थित रहे।
यह होंगे एक दर्जन स्टापेज
आईएसबीटी टुटीकंडी से बाईपास क्रॉसिंग, नगर निगम पार्किंग, 103 टनल, विधानसभा, विक्ट्री टनल, डीडीयू अस्पताल, लिफ्ट पार्किंग, हिमलैंड, टॉलैंड, एसबीआई एटीएम खलीनी, बीसीएस और कसुम्पटी शामिल हैं। कसुम्पटी के बाद मोनोरेल सीधे पंथाघाटी रुकेगी।