तलाक के बाद गुजारा भत्ता न देने के लिए पति ने भांजे के साथ मिलकर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में दो साल पहले ठानपुरी गांव से लापता शारदा (44) का शव बनेर खड्ड के किनारे खेत में दलदली जमीन में दबा दिया था।
दो दिन पहले सीआईडी ने मामले का पर्दाफाश कर मामा-भांजे को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की निशानदेही पर चाहड़ी पंचायत के निहांडा टीका में करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने शारदा का कंकाल बरामद कर लिया।
दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि शाहपुर के मकरेड़ की शारदा देवी की शादी 2001 में ठानपुरी के विनय के साथ हुई थी। 2009 में दोनों के बीच नोटरी के माध्यम से तलाकनामा हो गया।
फिर भी शारदा देवी अपने बच्चों से मिलने आती रहती थी। 2014 में शारदा ने अपने पति से खर्चे के लिए कोर्ट में दावा किया, जिस पर 2016 में फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने उसके पति को प्रत्येक महीने शारदा को खर्च देने के आदेश दिए थे।
शारदा के पति ने अभी एक ही किस्त दी थी। दूसरी किस्त देने से पहले शारदा अचानक गायब हो गई। वह नगरोटा बगवां में बाल मेला देखने आई थी और अपनी ननद के घर ठहर गई थी। उसके बाद वह घर के लिए निकली लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चल सका था। बताया जा रहा है कि विनय एचआरटीसी चालक है।