मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में 224 करोड़ रुपये की सौर सिचांई योजना को कार्यान्वित करने का फैसला लिया गया। योजना के तहत लघु एवं सीमान्त किसानों को निजी तौर पर 90 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी और मध्यम एवं बड़े किसानों को 80 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जाएगा।
लघु एवं सीमांत श्रेणी के किसानों, किसान विकास संघ, कृषक विकास संघ, किसानों की पंजीकृत संस्था इत्यादि को सौ फीसदी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के तहत 5850 कृषि सौर पपिंग सैट किसानों को उपलब्ध करवाएं जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री के बजट आश्वासन के अनुरूप 174.50 करोड़ रुपये की बहाव सिंचाई योजना शुरू करने को मंजूरी प्रदान की। कृषि विभाग द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली इस योजना के तहत 7152.30 हेक्टेयर क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई के अन्तर्गत लाकर राज्य के 9580 से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने किसानों को खेती के मशीनीकरण के लिए राज्य में 20 करोड़ रुपये का राज्य कृषि यांत्रिकरण कार्यक्रम शुरू करने का भी निर्णय लिया। इस योजना के अन्तर्गत लघु एवं सीमांत किसानों, महिला, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति से संबंधित पात्र लाभार्थियों को छोटे ट्रैक्टर, पॉवर टिल्लर्ज, विडर्ज तथा अन्य आवश्यकता आधारित अनुमोदित मशीनरी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जाएगा।
बैठक में विद्यार्थियों को वनों के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में शिक्षित तथा जागरूक करने के लिए विद्यार्थी वन मित्र योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया। योजना का उद्देश्य प्रकृति के संरक्षण की दिशा में लगाव की भावना उत्पन्न करना है। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के साथ पौधरोपण करके वन आवरण में वृद्धि करना भी है।