हिमाचल में बद्दी के काठा स्थित यश फैन एप्लाईंसिस (पंखा उद्योग) में भीषण अग्निकांड में एक महिला की जलकर मौत हो गई जबकि आग में फंसे आधा दर्जन से ज्यादा कामगार लापता हैं। सोमवार सुबह 8:05 बजे भड़की आग देर रात 10 बजे के बाद भी धधकती रही। उद्योग के भीतर लोहे की मशीनरी सहित तमाम तैयार और कच्चा माल राख हो गया है। ऐसे में आग में फंसे कामगारों का जिंदा होना नामुमकिन माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
इस अग्निकांड में तीन अन्य कामगार झुलस गए हैं, जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि सुबह भट्ठी में अचानक धमाका होने के बाद चारों ओर आग फैल गई। धमाके से दीवार गिर गई, जिसके मलबे में कई कामगार दब गए। मलबे से एक महिला का जला हुआ शव निकाल लिया गया है जबकि आधा दर्जन से ज्यादा कामगार अब भी लापता हैं।
लापता कामगारों के परिजन देर रात तक रोते-बिलखते कंपनी के गेट पर अपनों का इंतजार करते रहे। पुलिस और फैक्टरी प्रबंधक से जानकारी मांगते रहे। परिजनों के तेवर देखते हुए पुलिस ने कंपनी के गेट बंद कर दिए, लेकिन कोई भी घर जाने को तैयार नहीं हुआ। खबर लिखे जाने तक आग की लपटें लगातार जारी रहीं। उधर, मृतक महिला की पहचान यूपी के बदाऊं निवासी भानू (35) पत्नी शरीफ के रूप में हुई है। सुनीता देवी, मोहम्मद रफीक व अरविंद झुलस गए हैं।
घायल अरविंद ने बताया कि जब दीवार गिरी, वह भी वहीं पर था। वह जैसे-तैसे बाहर निकल गया लेकिन दीवार के नीचे कई और लोग भी दबे थे। वे वहां से नहीं निकल पाए हैं। आग से करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख होने की आशंका है। होमगार्ड के कमांडेंट डॉ. शिव कुमार ने बताया कि कंपनी का नुकसान करोड़ों में हुआ है। इसका अभी आकलन किया जाना है। देर रात तक काफी हद तक आग पर काबू पा लिया गया था। फायर ब्रिगेड ने साथ लगती कंपनियों को भी सुरक्षित बचा लिया है।
घर लौटने का इंतजार करते रहे परिजन
कामगार जसपाल ने बताया कि उसकी भतीजी कोमल सुबह साढ़े सात बजे यहां पर आई थी लेकिन घर नहीं लौटी है। बिहार की सुनीता देवी भी सुबह काम पर आई थीं लेकिन वह भी नहीं लौटी हैं। बिहार दरभंगा के युवा ने बताया कि उनकी बहन पूजा सुबह ड्यूटी पर गई थी लेकिन वह भी नहीं लौटी है।