पांवटा साहिब के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमरकोट में रौंगटे खड़े करने वाली घटना सामने आई है। खेतों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों का बच्चा दौड़े-दौड़े हंसते-खेलते हुए अपने मां-बाप के पास जा रहा था।
अचानक खेत में आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला बोल दिया। कुत्तों ने मासूम बच्चे को बुरी तरह से नोचकर मौत के घाट उतार दिया। बच्चा सात वर्ष का था। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। वहीं, स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश भी है।
प्रशासन ने प्रवासी परिवार को 20 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर बच्चे के नन्हे पांव की चप्पले पड़ी थी। जर न्हें देखकर हरेक शख्स अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक पाया। बच्चे के माता-पिता सुधबुध खो बैठे हैं। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के ग्राम रफियापुर निवासी धर्मेंद्र कुमार का परिवार पिछले कुछ वर्षों से अमरकोट में रह रहा है।
प्रवासी दंपति धर्मेंद्र व सुनीता एक उद्योगिक इकाई में मजदूरी करते हैं। जबकि सुबह-शाम लोगों के खेतों में कार्य कर दिहाड़ी लगाते हैं। शनिवार को गांव के ही एक खेत में दंपति दिहाड़ी पर गए थे। गांव में की खेत से कुछ दूरी पर उन्होंने किराये में मकान लिया है। सुबह विशाल उर्फ विक्की (7) कमरे से खेतों की तरफ जा रहा था। इस बीच आधा दर्जन आवारा कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया।
कुछ दूरी से ग्रामीणों ने देखा भी, लेकिन कुत्तों के खौफ के चलते कोई पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। शोर मचाने पर कुत्ते जब वहां से भागे तो ग्रामीण बच्चे के पास पहुंचे। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। कुत्तों ने मासूम बच्चे के सिर व पेट को बुरी तरह नोंच दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्राम पंचायत अमरकोट के प्रधान राकेश महरालू व पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह ने कहा कि सुबह साढ़े 10 बजे यह दर्दनाक घटना हुई।