हिमाचल में सोमवार रात से भारी बर्फबारी का दौर जारी है। शिमला समेत प्रदेश के नौ जिले बर्फ से लकदक हो गए हैं। आधे हिमाचल में व्हाइट कर्फ्यू जैसे हालात हैं। पांच नेशनल हाईवे और 500 के करीब छोटी-बड़ी सड़कें बंद हो गई हैं।
हवाई सेवाएं भी ठप रहीं। छह जिलों में सड़क, बिजली-पानी, दूरसंचार और इंटरनेट सेवा चरमरा गई है। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शिमला शहर में दिनभर यातायात ठप रहा। जहां बर्फ पड़ी है, वहां एक भी सरकारी और निजी बस नहीं चली। सूबे में बर्फ की चाह में आए हजारों सैलानी होटलों में कैद हो गए हैं।
शिमला में 45, कुफरी में 60 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड हुई है। 2017 में राजधानी शिमला में जनवरी माह में 82.7 सेंटीमीटर बर्फ पड़ी थी। रोहतांग में सबसे ज्यादा 100 सेंटीमीटर हिमपात हुआ है। शिमला, मनाली, डलहौजी, रामपुर, रोहड़ू, किन्नौर, लाहौल देश दुनिया से कट गए हैं। मौसम विभाग ने 25 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने के आसार जताए हैं।
राज्य में अच्छी बर्फबारी से किसानों-बागवानों समेत पर्यटन कारोबारियों के चहरे खिल उठे हैं। 26 से धूप खिलने का पूर्वानुमान है। अच्छी बारिश-बर्फबारी से किसान-बागवान गदगद हैं। सरकार ने सभी जिलों में अलर्ट जारी कर प्रशासनिक अमला फील्ड में उतार दिया है। मंगलवार को पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, जबकि मैदानों में झमाझम बारिश हो रही है। सोलन शहर में छह साल बाद बर्फ गिरी। कुल्लू-लाहौल में 200 से ज्यादा और चंबा में 108 सड़कें बंद हो गई हैं।
चंबा जिले के 145 ट्रांसफार्मर ठप हैं। लाहौल में जिला मुख्यालय केलांग को छोड़कर पूरी घाटी में ब्लैक आउट है। दूरसंचार सेवा ठप है। मंडी की सराज, नाचन व बरोट घाटी, कांगड़ा का मुल्थान व छोटा भंगाल, सिरमौर का नौहराधार, चूड़धार, हरिपुरधार, सोलन का चायल, चंबा का भरमौर, पांगी, किहार और ऊपरी इलाके अलग-थलग पड़ गए हैं।