हिमाचल प्रदेश के मनाली में बुधवार को इंटरनेट सेवाएं बहाल होने के बाद तीन दिन पहले बाढ़ से हुई तबाही की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। तीन दिन पहले बारिश से ब्यास नदी में आई बाढ़ से मनाली में भारी तबाही हुई है। उफनती ब्यास में भवन, वाहन तिनके की तरह बह गए। इस तबाही के वीडियो, तस्वीरें अब वायरल हो रहे हैं। कई जगह सड़क का नामोनिशान मिट गया। बाहंग में उफनती ब्यास में कैफे बह गया। वहीं, आलू ग्राउंड में ग्रीन टैक्स बैरियर व मिडल स्कूल का भवन नदी में बह गया।
मनाली में रसोई गैस के लिए हाहाकार
मौसम खुलने के बाद जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है लेकिन दुश्वारियां और बढ़ने लगी हैं। बाढ़ के बाद मनाली में रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल के लिए हाहाकार मच गया है। पेट्रोल पंपों में स्टॉक खत्म हो गया है जबकि रसोई गैस के लिए लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। ब्रेड, दूध, अंडे और सब्जियों की सप्लाई नहीं होने से इन वस्तुओं का संकट गहरा गया है।
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कारें बनीं कबाड़।
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मंगलवार और बुधवार गैस एंजेसी के बाहर सिलिंडर लेने की लिए लोगों की लाइन लगी रही। इसके अलावा पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल की कमी खल रही है। कई लोग गाड़ियों में ईंधन नहीं होने से पेट्रोल पंप तक पहुंचे।
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बाढ़ से बह गई सड़क।
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उन्हें भी खाली हाथ ही लौटना पड़ा। वाहन मालिक किरण कुमार ने बताया कि उनकी स्कूटी में पेट्रोल नहीं है। उन्हें जरूरी कार्य से कहीं जाना था। वह बोतल लेकर पंप तक गए लेकिन पेट्रोल नहीं मिला।
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भवन के अब खंभे ही बचे।
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उधर, पर्यटन नगरी मनाली सहित सैकड़ों गांवों में करीब 90 घंटे से ब्लैकआउट है।9 जुलाई से घाटी में बिजली गुल है। नग्गर से पतलीकूहल से लेकर बुरुआ व मझाच गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं।
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तबाही की तस्वीर।
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बुधवार सुबह चार दिन बाद मोबाइल सिग्नल तो आ गया,लेकिन अभी भी बात नहीं हो पा रही है। फोन करने पर एक तरफ से आवाज नहीं आ रही। इंटरनेट सेवा भी बहुत धीमी होने से लोग परेशान हो गए हैं। लगातार तीन दिन हुई बारिश से मनाली सहित पूरी घाटी में भारी नुकसान हुआ है।