हिमाचल के जिला कांगड़ा के डमटाल-इंदौरा मार्ग पर चार दशक पहले बने 160 मीटर लंबे पुराना बाई अटारियां-कंदरोड़ी पुल को वीरवार दोपहर छौंछ खड्ड में आई बाढ़ बहाकर ले गई। पुल के 10 पिल्लरों समेत 76 मीटर हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त होकर तेज बहाव में बह गया। हालांकि, समय रहते वाहनों की आवाजाही बंद करने से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। इंदौरा क्षेत्र का संपर्क पंजाब से कट गया है। उधर, वाहनों की आवाजाही काठगढ़ की तरफ मोड़ी गई, लेकिन मलोट पुल को भी बड़े वाहनों के लिए बंद कर दिया है।
Exclusive: हिमाचल में बाढ़ का कहर, नदी में बहा 160 मीटर लंबा पुल, वीडियो
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दोनों तरफ से मार्ग मार्ग बाधित होने से इंदौरा एक टापू में कैद हो गया है। छौंछ खड्ड पर बने पुल की नींव एक सप्ताह पहले आई बाढ़ में ही हिल गई थी। मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने बीते दिन ही बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। वीरवार सुबह 11 बजे तक छोटे वाहन चल रहे थे। लोनिवि के अधिकारी मौके पर ही थे। जैसे ही एक पिल्लर दरका, दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से बंद कर दिया। दोपहर 12.15 बजे तीन पिल्लर नीचे से खिसक गए। पुल का बीच का हिस्सा बैठ गया। 12.42 बजे बीच का दरका पूरा हिस्सा धराशाही हो गया और खड्ड में बह गया। इसके बाद एक-एक करके 10 पिल्लर पानी में समा गए। बाकी बचे पिल्लर भी लटक गए हैं।
तेज बहाव आने पर कभी भी गिर सकते हैं। एसडीएम नूरपुर राकेश प्रजापति, इंदौरा के तहसीलदार गौरव महाजन, इंदौरा थाना प्रभारी तिलकक राज, आईपीएच विभाग के एसडीओ विजय शर्मा मौके पर पहुंच गए थे। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता मोहिंद्र पाल ने पुल गिरने की पुष्टि की है। उधर, वीरवार को जसूर की गरेली खड्ड का पानी रेलवे पुल के ऊपर से गुजर गया। पुल कभी भी बह सकता है। उधर, कांगड़ा के नगरोटा के साथ लगती पंचायत वासा के वासुदेव (64) गज खड्ड में भारी बहाव में आने के कारण करीब दस घंटों तक फंसे रहे।
वर्ष 1972 में छौंछ खड्ड पर बना यह पुल करीब 160 मीटर लंबा और 20 फ़ुट चौड़ा था। इस पुल के ध्वस्त होने से लोनिवि को करीब 10 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। 44 साल पुराने पुल की मरम्मत पर करीब 90 लाख रुपये खर्च कर वाहनों की आवाजाही के लिए फिर से तैयार किया गया था। इंदौरा के तहसीदार गौरव महाजन की मौजूदगी में बीते बुधवार को लोनिवि ने छौंछ खड्ड पर बने इस पुल की मरम्मत की थी। पानी का रुख भी मोड़ा गया था, ताकि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को नुकसान न पहुंचे। बावजूद इसके यह पुल वीरवार को छौंछ खड्ड में बाढ़ के पानी का तेज बहाव सह नहीं सका और धराशाही हो गया।
बाई अट्टारिया औद्योगिक क्षेत्र में भी खतरा मंडरा रहा है। कभी भी पानी का रुख औद्योगिक क्षेत्र की तरफ रुख कर सकता है। औद्योगिक विभाग की ओर से बनाई क्रेटवाल भी बह गई है। खड्ड का पानी उद्योगों को छूकर पानी निकल रहा है। चंबा के भटियात में स्कूल जाते समय दसवीं कक्षा की छात्रा बन्नी खड्ड में करीब 200 मीटर तक बह गई। बच्ची ने बहादुरी दिखाते हुए खुद को संभाला और एक बड़े पत्थर पर चढ़ गई। इसके बाद वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों व अध्यापकों ने साथ मिलकर खड्ड का बहाव कम होने के बाद बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया। बच्ची की पहचान आरती पुत्री चुनी लाल निवासी रेड़ पंचायत काहरी के रूप में हुई है।