हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच गुरुवार को मौसम ने जमकर तबाही मचाई है। कुल्लू जिले के निरमंड के चनाईगाड में बादल फटने से 11 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां 22 परिवार बेघर हो गए हैं। शिमला जिला के चौपाल के रेवल पुल क्षेत्र में भी बादल फटने से एक बाइक बह गई है। मुख्य सड़क के बाधित होने से यहां सेब की हजारों पेटियां ट्रकों और ट्रालों में फंसी हुई हैं।
बिलासपुर की पंचायत सिकरोहा के गसौड़ गांव में दो मंजिला स्लेटपोश मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर एक महिला की मौत हो गई है। राजधानी शिमला से सटे सुन्नी क्षेत्र में चलती गाड़ी पर पत्थर गिरने से एक युवक की मौत हो गई। युवक कांगड़ा के मझोटी गांव का निवासी था। गाड़ी में तीन लोग और सवार थे, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। कांगड़ा के कमांद में लेंटर से पानी को निकालने की कोशिश में संतुलन बिगड़ने से एक युवक की नीचे गिरकर मौत हुई है।
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बाढ़ में डूबी गाड़ी।
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कांगड़ा की बनेर खड्ड में एक व्यक्ति बह गया है। पुलिस लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई है। चंबा के घुई नाले में पत्थर गिरने से पिता-पुत्र घायल हुए हैं। वहीं, शिमला जिला की कोटखाई तहसील की ग्राम पंचायत देवगढ़ के कुफर में बारिश में सड़क धंसने से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस गिर गई।
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लाहौल में मार्ग बहाल।
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इसमें चालक-परिचालक सहित 14 यात्री घायल हुए हैं। वहीं, बाढ़ की वजह से भुंतर-मणिकर्ण मार्ग बंद हो गया है। नाहन-कुमारहट्टी एनएच छह घंटे बंद रहा। बिलासपुर के झंडूता में फोरलेन की दीवार गिरने से ऋषिकेश-झंडूता मार्ग भी बंद है।
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मकान क्षतिग्रस्त।
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प्रदेश में 20 सड़कें ठप, हवाई उड़ानें भी बंद
प्रदेश में 20 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हैं। कांगड़ा और भुंतर से हवाई उड़ानें भी बंद हैं। इसके अलावा 17 बिजली ट्रांसफार्मर और 20 पेयजल योजनाएं ठप हैं। वीरवार को प्रदेश में 15 कच्चे और दो पक्के मकान, आठ गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। मानसून सीजन के दौरान अभी तक प्रदेश भर में 45,077 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
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चौपाल के कुताह में मकान क्षतिग्रस्त।
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शुक्रवार को भी ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में शुक्रवार को भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी और नालों के नजदीक नहीं जाने की अपील की गई है।