राजस्थान के बाड़मेर में 130 फीट गहरे कुएं में दबे युवक को 12 घंटे बाद बाहर निकाल लिया गया। देर रात करीब 12:30 बजे उसे बाहर निकाल कर अपस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान लोगों के पूछने पर उसने कहा, मैं ठीक हूं। उधर, अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने भी उसे खतरे से बाहर बताया है। आइए आपको बताते हैं कि युवक कुएं में कैसे फंसा और फिर उसे किस तरह से बाहर निकाला गया?
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रस्सी के जरिए मजदूर को लाया गया ऊपर।
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मामला जिले के खुमे की बेरी गांव का है। यहां पूर्व उप प्रधान महेशाराम के घर कई साल से बंद पड़े कुंए की मजदूर खुदाई कर रहे थे। तीन फरमे बांधकर चार दिन से कुंए की खुदाई की जा रही थी। गुरुवार को खुदाई के दौरान अचानक फरमे ढह गए। कुंए में नीचे खुदाई कर रहा आदम खां पुत्र जानू खां उसने दब गया। उसका भाई वरियाम खां और एक अन्य मजदूर अलीशेर खां कुंए के बाहर होने के कारण बच गए।
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अस्पताल में कराया गया भर्ती।
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मजदूर के कुंए में दबने की सूचना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें प्रशासन, सिविल डिफेंस, बीएसएफ, जोधपुर एसडीआरएफ टीम और स्थानीय लोगों ने मदद की। जिला प्रशासन की टीमों के अलावा बीएसएफ जवानों की एक टुकड़ी भी मौके पर पहुंची। बीएसएफ जवान रस्सी के सहारे कुंए में उतरे और मजदूर के लिए ऑक्सीजन सप्लाई शुरू की गई।
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एबुलेंस से भेजा गया अस्पताल।
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रेस्क्यू टीमों के लिए मजदूर को बाहर निकाला किसी चुनौती से कम नहीं था। कुंए की रेत खिसकने का खतरा लगातार बना हुआ था। ऐसे में रात करीब 9 बजे रेत रोकने के लिए लोहे का एक नया फरमा तैयार किया गया। इसके बाद रेस्क्यू टीमों ने रेत हटाने का काम शुरू किया। करीब एक घंटे बाद आदम के कमर के ऊपर तक की रेट को हटा लिया गया था, इसके बाद उसे खाने-पीने का सामान दिया गया।
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देशी जुगाड़ भी आई काम।
- फोटो : सोशल मीडिया
देर रात 12:30 बजे आदम को कुंए से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे स्वास्थ्य परीक्ष के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालात खतरे से बाहर बताई है। राहत और बचाव में एसपी दीपक भार्गव, एडीएम उम्मेदसिंह रतनु, सीएमएचओ डॉ. बाबूलाल विश्नोई, धोरीमन्ना एसडीएम और थानाधिकारी शामिल रहे।