साल 2023 गुजरने वाला है, कुछ दिन बाद हम नए साल में प्रवेश कर जाएंगे। बीतते साल में राजस्थान में महिला सुरक्षा का मुद्दा जोर-शोर से छाया रहा। प्रदेश में कई ऐसे अपराध हुए जिन्होंने देश भर में सुर्खियां बंटोरी। वहीं, तत्कालीन गहलोत सरकार भी सवालों में घिर गई थी। इस रिपोर्ट में हम साल 2023 में हुए उन पांच गैंगरेप और दुष्कर्म की वारदात को जानेंगे जिनके सामने आने के बाद लोगों को रुह कांप गई...।
Year Ender 2023: नाबालिग से हॉकी ग्राउंड में गैंगरेप, दहला देंगे भट्टीकांड समेत बीतते साल के यह महिला अपराध
नाबालिग से हॉकी ग्राउंड में गैंगरेप, दहला देंगे भट्टीकांड समेत बीतते साल के यह महिला अपराध
पहले दुष्कर्म, फिर गोली मारी, तेजाब से जलाकर कुंए में फेंका शव
13 जुलाई को राजस्थान के करौली जिले में दलित युवती का शव कुंए से बरामद किया गया। शव तेजाब से जला हुआ था और उसे गोली भी मारी गई थी। घटना के सामने आने के बाद इलाके में तनाव के हालत हो गए। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो युवती के साथ दुष्कर्म होने की भी पुष्टि हुई। यह सब करने वाला आरोपी 20 का गोलू उर्फ प्रभाकर मीणा था।
आरोपी गोलू पीड़िता के गांव का ही रहने वाला था। वह उससे एक तरफा प्यार करता था। उधर, युवती के परिजनों ने उसकी सगाई कहीं और कर दी थी। इस बात को लेकर आरोपी गोलू नाराज था। वह युवती पर घर से भागने का दबाव बना रहा था, लेकिन उसने ऐसा करने से मना कर दिया। 11 जुलाई की रात गोलू ने युवती को फोन कर बात करने के लिए बुलाया। गोलू ने एक बार फिर युवती से घर से भागकर शादी करने की बात कही, लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद आरोपी गोलू ने देसी कट्टा दिखाकर युवती को धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी गोलू ने घटना की जानकारी अपने पिता नेहनाराम मीणा को दी। जिसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए पहले तेजाब से जलाया फिर कुंए में फेंक दिया। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया था।
गेस्ट हाउस में रेप का प्रयास, वहां से भागी तो तीन युवकों ने किया गैंगरेप
16 जुलाई को सुबह करीब चार बजे जोधपुर की जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के हॉकी मैदान में 16 साल की नाबालिग बदहवास हालत में रो रही थी। घायल हालत में उसका प्रेमी भी पड़ा था, जिसका मुंह बंदा हुआ। लड़की से पूछताछ करने पर पता चला कि तीन युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया और उसके नाबालिग प्रेमी के साथ मारपीट की।
पीड़िता ने बताया कि उसके माता-पिता नहीं हैं। वह अपने भाई और भाभी के साथ रहती है। वे उसकी सगाई कहीं और करना चाहते थे, लेकिन उसे प्रेमी के साथ सगाई करनी थी। 15 जुलाई को हम अजमेर से बस में सवार होकर जोधपुर आए थे। रात होने के कारण रुकने की जगह नहीं मिल रही थी। ऐसे में हम कृष्णा गेस्ट हाउस पहुंचे। गेस्ट हाउस मालिक ने पूछताछ की तो उसे भनक लग गई कि हम घर से भागकर आए हैं। इसके बाद उसने मेरे प्रेमी को कमरे में बंद कर दिया और मेरे साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। किसी तरह में उससे बचकर बाहर आ गई तो उसने प्रेमी को भी छोड़ दिया।
वहां से भागकर हम किसान भवन के सामने आकर बैठ गए। इस दौरान तीन युवक हमारे पास आए और भरोसा दिलाते हुए मदद करने की बात कही। हम उनके साथ जाने लगे तो कुछ दूर जाकर उन्होंने हमे धमकाना शुरू कर दिया और फिर मैदान में ले आए। जहां, प्रेमी का मुंह बांध दिया और मेरे साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया। प्रेमी ने बचाने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट की गई। पीड़िता के साथ करीब दो घंटे तक गैंगरेप करने वाले तीनों आरोपियों और गेस्ट हाउस संचालक को पुलिस ने घटना सामने आने के चार घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया था।
गैंगरेप के बाद बच्ची को भट्टी में जिंदा जलाया, फिर शव के किए टुकड़े
दो अगस्त को भीलवाड़ा में बकरियां चराने गई नाबालिग के साथ दो भाइयों कालू कालबेलिया और कान्हा कालबेलिया ने गैंगरेप किया। पीड़िता ने आरोपियों को धमकी दी कि वह इस बारे में पिता को बताएगी। इस पर कालू ने नाबालिग के साथ मारपीट की तो वह बेहोश हो गई। इसी बीच दोनों आरोपियों की पत्नियां भी वहां आ गईं। इसके बाद चारों ने एक जलती हुए कोयला भट्टी में पीड़िता को जिंदा डाल दिया।
कुछ देर बार नाबालिग के परिजन बच्ची को तलाशते हुए मौके पर पहुंचे तो आरोपी घबरा गए। उनके जाने के बाद सभी ने शव के अधजले टुकड़े भट्टी से बाहर निकाले और फिर एक तालाब में फेंक दिए। इस घटना से राजस्थान ही नहीं देश भी शर्मसार हुआ था, भट्टी से नाबालिग की हड्डियां बीनने में छह घंटे लग गए थे। पुलिस ने इस घटना में शामिल 9 आरोपियों के साथ दो नाबालिगों को भी पकड़ा था।
विधवा महिला से 14 दिन तक गैंगरेप, छह आरोपियों की बंधक बनाकर की दरिंदगी
18 सितंबर को डीग जिले कामां थाने में 30 साल की विधवा महिला ने छह आरोपियों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। आरोपियों ने महिला को एक होटल में बंधक बनाकर 14 दिन तक दरिंदगी की थी। जैसे-तैसे महिला आरोपियों के चंगुल से छूट पुलिस के पास पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई।
महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति की 10 साल पहले मौत हो गई थी। लंबे समय से वह कामां थाना इलाके में रह रही थी। घर चलाने के लिए उसे नौकरी की जरूरत थी, इस बीच उसकी मुलाकात आशू से हुई। कुछ दिन बाद आशू ने कॉल कर उसे सीकर में नौकरी और किराए पर कमरा दिलाने की बात की बात कही। चार दिसंबर को आशू अपने पांच अन्य साथियों इलियास, अख्तर, जमशेद, जैकम और रुजदार के साथ कामा आया और सामान टेंपो में भरकर उसे अपने साथ ले गए।
रास्ते में नशीली कोल्ड ड्रिंक पिला दी, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपियों ने उसके दोनों बच्चों को अपने कब्जे में ले लिया। बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर आरोपी 14 दिन तक उसके साथ गैंगरेप करते रहे।