उदयपुर हत्याकांड के मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। दो नए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्यारों की पूरी योजना खुलकर सामने आ गई है। कन्हैयालाल की गर्दन काटकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद है, लेकिन मर्डर की साजिश और वारदात में मोहसिन और आसिफ भी शामिल थे। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को कोर्ट ने एनआईए को चारों आरोपियों को 12 जुलाई तक रिमांड पर सौंप दिया है।
Udaipur Murder Case: कन्हैया ने दुकान न खोली होती तो घर में घुसकर करते हत्या, भीड़ घेर लेती तो बचाने के लिए खड़े थे दो साथी
कन्हैया ने दुकान न खोली होती तो घर में घुसकर करते हत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियाज, गौस, आसिफ और मोहसिन चारों आरोपियों ने दर्जी कन्हैयालाल की हत्या करने की योजना बनाई थी। 28 जून को अपनी योजना के साथ कन्हैया की हत्या करने के लिए निकले थे। गौस और रियाज एक स्कूटी से कन्हैयालाल की दुकान पर गए थे, लेकिन दुकान करीब 500 मीटर पहले उसने अपनी स्कूटी खड़ी कर दी थी। इसके अलावा आसिफ और मोहसिन दो बाइक के साथ कन्हैया की दुकान से थोड़ी दूर मौजूद थे। इनका काम था कि अगर हत्या के बाद रियाज और गौस को भीड़ पकड़ लेती है, या उनकी स्कूटी में कोई खराबी होती है तो उन्हें वहां से लेकर भाग जाएं।
दुकान नहीं खोलता तो घर में घुसकर मार देते
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कन्हैयालाल की हत्या करने का पूरा मन बना लिया था। वह एक दो दिन तक दुकान नहीं खोलता तो उसे घर में घुसकर मार देते, लेकिन इसकी नौबत नहीं आई। कन्हैयालाल ने मंगलवार 28 जून के दुकान खोली और आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।
कन्हैया को इसलिए बनाया निशाना
नुपुर शर्मा की कथित विवादित टिप्पणी का उदयपुर में समर्थन होने लगा था। कुछ लोगों ने नुपुर की टिप्पणी के समर्थन में पोस्ट करना शुरू कर दिए थे। इसके बाद मुख्य हत्यारे गौस और रियाज ने तय कर लिया था कि कुछ ऐसा करना है, जिससे लोगों में दहशत बने। इसके बाद उन्होंने कन्हैयालाल की हत्या की योजना बनाई। रियाज ने आसिफ और मोहसिन का ब्रेनवॉस कर योजना में शामिल कर लिया। जिस गली में कन्हैया की दुकान थी वहां गौस और रियाज आते-जाते रहते थे। इस कारण वह इलाके से परिचित थे और वहां के कुछ लोगों से उनकी थोड़ी बहुत जान-पहचान भी थी। इस कारण उन्होंने कन्हैया को मारने की साजिश रची थी। इसके बाद हत्या कर दी।
उदयपुर के धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहने वाले कन्हैयालाल दर्जी थे और यहां अपनी दुकान चलाते थे। 28 जून को दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने कन्हैया की दुकान पर पहुंचे और उस पर धारदार हथियार से वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने उसे संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। शहर के एमबी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।