सर्दी हो या गर्मी राजस्थान में चूरू का नाम सबसे ऊपर आता है। सर्दियों में जहां पारा 0 डिग्री से नीचे चला जाता है। वहीं, गर्मियों में 50 डिग्री को पार कर जाता है। चूरू में मार्च के जाते-जाते ही गर्मी अपने तेवर दिखाने शुरू कर देती है और अब चूरू में गर्मी का पूरा असर दिखने लगा है।
Rajasthan Weather: चूरू में अप्रैल में ही लगभग 45 डिग्री को छू रहा तापमान; बाजार सुनसान और आमजन परेशान
Churu Weather: चूरू में अप्रैल में ही तापमान लगभग 45 डिग्री को छू रहा है, जिससे बाजार सुनसान पड़े हैं और आमजन काफी परेशान हो रहे हैं। जिले में गर्मी बढ़ने की कुछ वजहें हैं। पढ़ें पूरी खबर...।
45 डिग्री को छू रहा है तापमान
चूरू जिले में 45 डिग्री के करीब तापमान में चल रही गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसाकर रख दिया है। सड़क हो या आसमान दोनों ही आग उगल रहे हैं। अप्रैल अभी लगभग आधा ही बीता है और सूर्यदेव ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरु कर दिया। सुबह 10 बजे के बाद ऐसा लगने लगता है जैसे सूर्य देव कुपित होकर आग बरसा रहे हों और शाम तक ऐसे ही आग बरसना जारी रहता है।
तेज गर्मी के कारण आमजन की दिनचर्या काफी प्रभावित हो रही है। आम लोग अपना काम छोड़ घर में रहना ही मुनासिब समझ रहे हैं। बहुत जरूरी होने पर ही अपना पूरा बचाव कर ही घर से निकलते हैं और जहां तक बाहर निकलना टाल सकते हैं तो लोग बाहर निकलना टालने का ही प्रयास कर रहे हैं।
बाजार में पसरा सन्नाटा
शहर के बाजारों में जहां हर वक्त चहल-पहल रहती थी, लोगों का जमघट लगा रहता था। वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ नजर आता है। बाजार में इक्का-दुक्का ही इंसान नजर आता है। बहुत से व्यापारी भी अपनी दुकान बंद कर दोपहरी में अपने घरों पर जाने लगे हैं। चूरू में गर्मी का असर आमजन पर ही नहीं, वन्य जीवों पर भी पड़ रहा है। आमजन की मानें तो अभी तो गर्मी की शुरुआत है। मई और जून तो अभी बाकी है। जून में तो गर्मी अपने चरम पर होती है और तन झुलसा देने वाली गर्म लू तो आग की लपटों का सा असर करती है।
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चूरू में तेज गर्मी की वजह
चूरू जिले का वातावरण मरुस्थलीय है। जहां धूप पड़ने की वजह से रेत बहुत जल्दी गर्म हो जाती है, जिससे तापमान में वृद्धि हो जाती है। दूसरी वजह है चूरू की स्थिति। चूरू जिस अक्षांश पर स्थित है, यहां पर बादल कम बनते हैं और सूर्य की किरणें सीधी धरती पर आती हैं जिससे गर्मी बढ़ जाती है। तीसरा यहां पेड़-पौधों का कम होना और जलाशय भी कम हैं। यहां फसलें कम होने के कारण चूरू का इलाका बंजर है, जिससे नमी कम रहती है और इस वजह से भी गर्मी बढ़ जाती है।