फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan News: High Court strict on severe heat in the state, directs the government to take immediate action

Rajasthan News: प्रदेश में भीषण गर्मी को लेकर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को लगाई फटकार, ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए

Fri, 18 Apr 2025 03:41 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Fri, 18 Apr 2025 03:41 PM IST
सार

प्रदेश में पड़ रही भयंकर गर्मी के कारण आमजन हो रही परेशानी के मद्देनजर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट का कहना है कि सरकार ने इतनी भीषण गर्मी में भी जनता के लिए माकूल प्रबंध नहीं किए हैं।

विज्ञापन
Rajasthan News: High Court strict on severe heat in the state, directs the government to take immediate action
राजस्थान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। प्रदेश में तापमान लगातार 44-45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है और लू का असर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इस विकराल गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लोग घरों से निकलने में हिचक रहे हैं और खासतौर पर मजदूर, रिक्शा चालक और राहगीरों की हालत बेहद दयनीय होती जा रही है।

विज्ञापन


इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने कहा कि सरकार इस विकट स्थिति से निपटने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के नागरिकों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: IPL 2025: राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपरजायंट्स के बीच अहम मुकाबला 19 को जयपुर में, प्रैक्टिस सेशन ऑन मोड में
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि राजस्थान जलवायु परिवर्तन परियोजना के तहत जो हीट एक्शन प्लान तैयार किया गया था, उसे आज तक सही तरीके से लागू नहीं किया गया।  स्वास्थ्य विभाग ने अब तक लू और गर्मी से संबंधित कोई गाइड लाइन या चेतावनी जारी नहीं की है, जो कि लोगों के स्वास्थ्य के हित में बेहद आवश्यक है।

कोर्ट ने सरकार की विफलताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि न तो सड़कों पर पानी छिड़कने की व्यवस्था की गई है, न ही सिग्नल या भीड़भाड़ वाले इलाकों में ठंडे या छायादार स्थान बनाए गए हैं। वहीं रोज कमाने-खाने वाले तबके को ओआरएस पैकेट, आम पन्ना या अन्य राहत देने वाले इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने यह भी बताया कि पक्षियों और जानवरों के लिए भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।


ये भी पढ़ें: Ajmer News: युवा कांग्रेस का अजमेर बचाओ, भ्रष्टाचारी भगाओ अभियान, दरगाह बाजार क्षेत्र में निकाली रथ यात्रा

फंड की कमी का बहाना नहीं चलेगा

कोर्ट ने सरकार को यह कहकर आड़े हाथों लिया कि यदि प्रचार-प्रसार, पुरस्कार समारोह और अन्य आयोजनों पर लाखों रुपए खर्च किए जा सकते हैं, तो जनता की बुनियादी जरूरतों के लिए फंड की कमी का बहाना नहीं चलेगा।

हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे विभिन्न विभागों के साथ मिलकर एक समन्वय समिति गठित करें, जो इस भीषण गर्मी से निपटने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करे। कोर्ट ने साफ कहा कि यह जनता के जीवन और स्वास्थ्य का मुद्दा है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed