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Rajasthan: शहीद की अंतिम यात्रा में जुटे हजारों लोग, बेटे ने दी मुखाग्नि, बेसुध हुई पत्नी, देखें तस्वीरें

Tue, 23 Aug 2022 05:46 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं Published by: उदित दीक्षित Updated Tue, 23 Aug 2022 05:46 PM IST
सार

शहीद की अंतिम यात्रा में जुटे हजारों लोग, बेटे ने दी मुखाग्नि, बेसुध हुई पत्नी

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Martyr Satpal Singh Last Journey Tiranga Rally Jaitpur Village of Jhunjhunu
तिरंगा रैली में शामिल हुए हजारों लोग। - फोटो : अमर उजाला

जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले के परगल में आतंकी हमले में शहीद हुए हवलदार सतपाल सिंह को आज पंचतत्व में विलीन हो गए। हाजारों लोगों की मौजूदगी में शहीद जवान सतपाल सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद सतपाल अमर रहें...भारत माता की जय सहित अन्य देशभक्त की नारों की गूंज सुनाई दी। 

Martyr Satpal Singh Last Journey Tiranga Rally Jaitpur Village of Jhunjhunu
जहां जगह मिली वहीं बैठ गए लोग। - फोटो : अमर उजाला

तिरंगा यात्रा में जुटे हजारों लोग 
इससे पहले सोमवार देर रात शहीद जवान सतपाल सिंह का पार्थिव शरीर बुहाना लाया था। उनके पार्थिव देह को बुहाना थाना परिसर में रखा गया। मंगलवार सुबह तक बुहाना थाना परिसर के बाहर हाजारों लोगों की भीड़ जुटी, इसके बाद पार्थिव देह को तिरंगा रैली के साथ उनके पैतृक गांव जैतपुर के लिए रवाना किया था। करीब 15 किमी के शहीद सतपाल के आखिरी सफर में हजारों लोग मौजूद रहे। सभी के हाथों के हाथों में तिरंगा और जुबां पर देशभक्ति के नारे थे। हजारों लोगों की भीड़ एक स्वर में सतपाल सिंह अमर रहें... और भारत माता की जय जैसे नारे लगा रही थी। 

Martyr Satpal Singh Last Journey Tiranga Rally Jaitpur Village of Jhunjhunu
हाथ जोड़कर पत्नी ने किया नमन। - फोटो : अमर उजाला

अंतिम दर्शन कर बेसुध हो गई पत्नी
15 किमी का सफर तय करने के बाद शहीद का पार्थिव शरीर जैतपुर गांव में उनके घर पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। शहीद सतपाल की पत्नी विंतोष ने हाथ जोड़कर पति के अंतिम दर्शन किए। वहीं, बार-बार बेसुध हो रही विंतोष को संभालना भी परिजनों के लिए मुश्किल हो रहा था। कुछ देर बार शहीद की पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। उनके बेटे शांतनु ने नम आंखों से पिता को आखिरी बार प्रणाम कर मुखाग्नि दी।

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Martyr Satpal Singh Last Journey Tiranga Rally Jaitpur Village of Jhunjhunu
12 साल के बेटे ने पिता को दी मुखाग्नि। - फोटो : अमर उजाला

2002 में सेना में हुए थे भर्ती 
बता दें कि सतपाल सिंह 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। वह हवलदार के पद पर जम्मू कश्मीर में तैनात थे। बीती 10-11 अगस्त की रात को आतंकियों ने परगल आर्मी कैंप पर हमला कर दिया था। दोनों तरफ से हो रही फायरिंग में सतपाल सिंह घायल हो गये थे। उन्हें इलाज के लिए उधमपुर स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां उनका एक ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद करीब 10 दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद बीते रविवार को वह शहीद हो गए थे। 

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Martyr Satpal Singh Last Journey Tiranga Rally Jaitpur Village of Jhunjhunu
नम आंखों से दी शहीद को विदाई। - फोटो : सोशल मीडिया
दो बच्चों के पिता है सतपाल
शहीद सतपाल सिंह झुंझुनूं के जैतपुर गांव के रहने वाले थे। उनका परिवार गांव में ही रहता है। उनकी पत्नी विंतोष गृहिणी हैं। उनकी बड़ी बेटी प्रीति 15 साल की है और 11वीं में पढ़ रही है। वहीं बेटा शांतनु 12 साल का है और नौवीं क्लास में पढ़ रहा है। प्रीति और शांतनु पिलानी में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं उनकी मांग विंतोष गांव में रहती हैं। शहीद सतपाल सिंह 3 जुलाई को ही छुट्टियां पूरी होने पर पोस्टिंग पर गए थे।  
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