{"_id":"6aae657082374b43850d5b83","slug":"kalisindh-river-swells-in-jhalawar-6-dam-gates-opened-to-release-over-59000-cusecs-water-high-alert-issued-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"उफान पर कालीसिंध नदी: बांध के छह गेट खोलकर छोड़ा 59 हजार क्यूसेक से अधिक पानी, निचले इलाकों में अलर्ट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उफान पर कालीसिंध नदी: बांध के छह गेट खोलकर छोड़ा 59 हजार क्यूसेक से अधिक पानी, निचले इलाकों में अलर्ट जारी
Sat, 19 Sep 2026 04:05 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sat, 19 Sep 2026 04:05 PM IST
सार
झालावाड़ के कालीसिंध बांध में लगातार पानी की आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने चार और गेट खोल दिए हैं। अब छह गेटों से करीब 59,630 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर 314.76 मीटर है और यह करीब 64 प्रतिशत भरा हुआ है।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो- कालीसिंध बांध
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
झालावाड़ जिले में लगातार आवक के बाद कालीसिंध बांध से पानी की निकासी बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग ने शनिवार को बांध के चार और गेट खोल दिए, जिससे अब कुल छह गेटों से लगभग 59,630 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध में पानी की लगातार आवक को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले बांध के केवल दो गेट करीब दो-दो मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा था। शनिवार सुबह करीब 11 बजे विभाग ने जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए छह गेट खोलकर निकासी शुरू कर दी। इन सभी छह गेटों को कुल मिलाकर लगभग 12.30 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है।
लगातार बनी हुई है पानी की आवक
जिले में पिछले दो-तीन दिनों से बारिश का दौर काफी धीमा पड़ गया है। क्षेत्र के कई हिस्सों में बारिश केवल कुछ मिनटों के लिए ही होती है और उसके बाद मौसम पूरी तरह साफ हो जाता है। इसके बावजूद कालीसिंध बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, इसका मुख्य कारण बांध के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से लगातार पानी का पहुंचना है। जलग्रहण क्षेत्र से पानी आने के कारण बांध के जलस्तर में उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। वर्तमान समय में बांध में लगभग 5,450 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। बांध का जलस्तर 314.76 मीटर दर्ज हुआ है और यह अपनी कुल जलभराव क्षमता के मुकाबले करीब 64 प्रतिशत भरा हुआ है।
निचले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह
जल संसाधन विभाग की टीम बांध के जलस्तर और इनफ्लो पर लगातार नजर रख रही है। बांध के गेट खोले जाने से निकल रहा पानी कालीसिंध नदी के डाउनस्ट्रीम यानी निचले क्षेत्र में लगातार पहुंच रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए नदी के आसपास के इलाकों और निचले गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। विभाग के अभियंताओं ने स्पष्ट किया है कि बांध की स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखी जा रही है और पानी की आवक के अनुरूप ही गेटों को खोलकर निकासी का प्रबंधन किया जा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- नागौर हॉस्टल में सीनियर छात्राओं की दबंगई: पांचवीं की बच्ची से रैगिंग और मारपीट, दुर्व्यवहार करने का आरोप
छापी और राजगढ़ बांध से भी पानी की निकासी
कालीसिंध बांध के अलावा जिले के अन्य जलाशयों से भी पानी निकाला जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, छापी बांध के तीन गेट 1.5 मीटर तक खोलकर 4,377.73 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। दूसरी ओर, राजगढ़ बांध का एक गेट 0.30 मीटर खोलकर उससे 1,038.82 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी सभी बांधों के जलभराव और पानी की निकासी की प्रक्रिया पर लगातार ध्यान बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
लगातार बनी हुई है पानी की आवक
जिले में पिछले दो-तीन दिनों से बारिश का दौर काफी धीमा पड़ गया है। क्षेत्र के कई हिस्सों में बारिश केवल कुछ मिनटों के लिए ही होती है और उसके बाद मौसम पूरी तरह साफ हो जाता है। इसके बावजूद कालीसिंध बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, इसका मुख्य कारण बांध के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से लगातार पानी का पहुंचना है। जलग्रहण क्षेत्र से पानी आने के कारण बांध के जलस्तर में उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। वर्तमान समय में बांध में लगभग 5,450 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। बांध का जलस्तर 314.76 मीटर दर्ज हुआ है और यह अपनी कुल जलभराव क्षमता के मुकाबले करीब 64 प्रतिशत भरा हुआ है।
विज्ञापन
निचले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह
जल संसाधन विभाग की टीम बांध के जलस्तर और इनफ्लो पर लगातार नजर रख रही है। बांध के गेट खोले जाने से निकल रहा पानी कालीसिंध नदी के डाउनस्ट्रीम यानी निचले क्षेत्र में लगातार पहुंच रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए नदी के आसपास के इलाकों और निचले गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। विभाग के अभियंताओं ने स्पष्ट किया है कि बांध की स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखी जा रही है और पानी की आवक के अनुरूप ही गेटों को खोलकर निकासी का प्रबंधन किया जा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- नागौर हॉस्टल में सीनियर छात्राओं की दबंगई: पांचवीं की बच्ची से रैगिंग और मारपीट, दुर्व्यवहार करने का आरोप
छापी और राजगढ़ बांध से भी पानी की निकासी
कालीसिंध बांध के अलावा जिले के अन्य जलाशयों से भी पानी निकाला जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, छापी बांध के तीन गेट 1.5 मीटर तक खोलकर 4,377.73 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। दूसरी ओर, राजगढ़ बांध का एक गेट 0.30 मीटर खोलकर उससे 1,038.82 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी सभी बांधों के जलभराव और पानी की निकासी की प्रक्रिया पर लगातार ध्यान बनाए हुए हैं।