राजस्थान के भिवाड़ी जिले से अगवा किए गए तीन भाइयो में से दो की हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह साउथ दिल्ली के महरौली के जंगल से दो बच्चों के शव पुलिस ने बरामद किए। पुलिस ने बच्चों के अपहरण और उनकी हत्या करने के आरोप में उनके दो चाचाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बच्चो के पिता से आठ लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी, लेकिन बच्चों के रोने के कारण वह बुरी तरह गए और फिर गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।
Bhiwadi: अपहरण वाले दिन ही घोंट दिया गया था बच्चों का गला, हत्या के बाद चाचाओं ने मांगी फिरौती, एक कैसे बचा?
Bhiwadi: अपहरण वाले दिन ही घोंट दिया गया था बच्चों का गला, हत्या के बाद चाचाओं ने मांगी फिरौती, एक कैसे बचा?
जानें कब क्या हुआ?
15 अक्टूबर को दोनों आरोपी चाचाओं ने तीन बच्चों अमन (12), विपिन (10) और शिवा (8) का भिवाड़ी से अपहरण किया। जिसके बाद उन्हें धारूहेड़ा ले गए। तीनों बच्चों को काफी देर घुमाने के बाद दोनों उन्हें दिल्ली दिखाने की बात कहकर वहां ले गए, लेकिन शाम होते-होते बच्चे घर जाने की जिद करने लगे। मम्मी-पापा के पास जाने की बात कहकर उन्होंने रोना शुरू कर दिया। इससे दोनों आरोपी डर गए, उन्हें लगा कि अब वह फंस जाएंगे। इस डर से दोनों शनिवार रात को ही तीनों बच्चों को महरौली के जंगल में ले गए और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। तीनों को मरा समझकर आरोपी उनके शव वहीं छोड़कर फरार हो गए।
इधर, घर से लापता हुए बच्चों को उनके परिजन 24 घंटे तक तलाश करते रहे, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन 16 अक्टूबर को पिता ज्ञान सिंह और मां उर्मिला ने बच्चों की गुमशुदगी का केस थाने में दर्ज कराया। उन्होंने मकान मालिक और उसके दो दोस्तों पर बच्चों के अपहरण का आरोप लगाया। इसी दिन पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोाप लगाकर परिजनों ने धरना भी दिया।
17 अक्टूबर को बच्चों के पिता ज्ञान सिंह के पास बदमाशों ने फोन किया और आठ लाख रुपये की फिरौती की मांग की। जिसकी सूचना उसने पुलिस को दी। फिरौती के लिए कॉल आने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और नंबर की डिटेल निकाली गई। अपहरण स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के जरिए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए दोनों आरोपी बच्चों के रिश्ते में चाचा निकले। सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपियों ने बच्चों के अपहरण और हत्या की बात कबूल कर ली। जिसके बाद भिवाड़ी पुलिस की दो टीमें आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हुईं।
18 अक्टूबर को पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन के पास महरौली के जंगल से दो बच्चे अमन और विपिन के शव बरामद कर लिए। पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे उनके परिजनों ने भी बच्चों की शिनाख्त की। लेकिन, पुलिस को एक बच्चे का पता नहीं चला, जबकि पकड़े गए दोनों आरोपी तीनों बच्चों की हत्या करने की बात कह रहे थे।
कहां मिला तीसरा बच्चा?
दरअसल, 15 अक्टूबर को दोनों हत्यारों ने तीनों बच्चों की गला घोंटा और मरा सकझकर जंगल में फेंक गए। इस दौरान एक बच्चे की किस्मत अच्छी रही, हत्यारों के गला दबाने के बाद वह बेहोश हो गया और जिंदा बच गया। होश में आने के बाद वह जंगल के बाहर निकलकर सड़क पर आ गया। 16 अक्टूबर को शिवा लावारिस हालत में पुलिस को मिला, लेकिन वह अपने पिता के नाम के अलावा कुछ बता नहीं पा रहा था। ऐसे में पुलिस ने उसे लाजपत नगर के चाइल्ड केयर सेंटर में भिजवा दिया था। अब जल्द ही बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया जाएगा। बता दें कि ज्ञान सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। भिवाड़ी में वह पत्नी उर्मिला और छह बच्चों के साथ किराए के कमरे में रहता था। ज्ञान सिंह फल का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता है।