जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट मामले में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को इस हादसे में झुलसे चार और लोगों की मौत हो गई। अब तक 16 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें एक पुरुष, 9 बच्चे और छह महिलाएं शामिल हैं। चिंता की बात यह भी है कि हादसे में झुलसे 38 लोगों का महात्मा गांधी अस्पताल में इजाल चल रहा है, जिनमें 19 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
Jodhpur Cylinder Blast: मां-बेटे सहित चार और ने तोड़ा दम; अब तक 16 लोगों की जा चुकी जान, कई अब भी गंभीर
Jodhpur Cylinder Blast: मां-बेटे सहित आज चार की मौत, अब तक 16 ने दम तोड़ा, इनमें नौ बच्चे भी शामिल, इतने गंभीर
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अब तक इनकी हुई मौत
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे 9 साल के लोकेंद्र सिंह की सोमवार सुबह और शाम को उसकी मां जस्सू कंवर की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, गंवरी देवी (40) और जमना कंवर (70) ने भी दम तोड़ दिया है। इससे पहले शनिवार को भूंगरा गांव निवासी सुआदेवी (60) पत्नी हमीरसिंह, पूनम (11) पुत्री बाबूसिंह, सज्जन कंवर (10) पुत्री उत्तमसिंह और जैसलमेर के चोख गांव निवासी सुरेद्र सिंह उर्फ सुरेश (30) पुत्र डूंगरसिंह की मौत हो गई थी। शुक्रवार को चन्द्रा कंवर, धापू कंवर, कंवरू कंवर, धापू कंवर, कंवराज सिंह और प्रकाश कंवर और गुरुवार को दुल्हे सुरेंद्र सिंह के भतीजे रतनसिंह और भतीजी खुशबू कंवर की मौत हो गई थी।
बेटे की मौत, मां जिंदगी के लिए लड़ रही
आज सोमवार सुबह जिस 9 साल के बच्चे लोकेंद्र की मौत हुई है वह सुरेंद्र सिंह उर्फ सुरेश का भांजा था। सुरेश की रविवार को ही मौत हो चुकी है। वह लोगों को बचाने के लिए तीन बार आग में कूदा था, लेकिन इस दौरान खुद गंभीर रूप से झुलस गया। लोकेंद्र की मां जस्सू कंवर का भी अस्पताल में इलाज चल रहा था, वह आग में 90 फीसदी तक झुलस गई थी, शाम को उसने भी दम तोड़ दिया।
आठ दिसंबर को क्या हुआ था?
जोधपुर जिले के शेरगढ़ के भूंगरा गांव में गुरुवार को शक्ति सिंह के बेटे सुरेंद्र सिंह की बारात खोखसर जानी थी। शादी समारोह में शामिल होने के लिए 300 लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। बारात निकलने की तैयारी थी, बारात में जाने के लोग तैयार हो रहे थे। घर में महिलाओं और बच्चों सहित लोगों की भीड़ थी। चार बजे बारात निकलने का समय तय किया गया था। इससे पहले बारातियों के लिए चाय बनाई जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, धमाके के साथ गैस और आग पूरे घर में फैल गई।
महिलाएं और बच्चों सहित कुछ लोग आग से घिर गए। महिलाओं और बच्चों को बचाने कुछ लोग जलती आग के बीच से अंदर गए, इस दौरान वह भी झुलस गए। कुछ लोग जलते हुए घर के अंदर से बाहर निकले, यह देखकर हर कोई दंग रह गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा था। हादसे में पांच लोगों की मौत उसी दिन हो गई, जबकि दूल्हे और उसके माता-पिता सहित 60 लोग झुलस गए। जिन्हें इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 38 लोगों का अस्पताल में इजाल चल रहा है, जिनमें 19 की हालत गंभीर है।
मृतक के परिवार को मिलेंगे सात-सात लाख रुपये
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बीते शुक्रवार को घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मृतक के आश्रितों को चिरंजीवी योजना के तहत 5-5 लाख रुपये और मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही थी।