फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) कतर में खेला जा रहा है। कई देशों की टीमें एक दूसरे के खिलाफ दमखम दिखा रही हैं। ऐसे में फीफा वर्ल्ड कप की दीवानगी दुनियाभर में फुटबॉल प्रेमियों के सिर चढ़कर बोल रही है। भारत में फुटबॉल का पलड़ा थोड़ा कमजोर है, लेकिन यहां फुटबॉल प्रति लोगों की दीवानगी कम नहीं हैं। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले रिटायर्ड सूबेदार मेजर आजाद सिंह का नाम भी ऐसे ही दीवानों में गिना जाता है। वे साल 2014 में सिर पर फुटबॉल रखकर 8 घंटे 32 मिनट में 45 किलोमीटर साइकिल चला चुके हैं। उनका यह रिकॉर्ड लिम्का बुक में दर्ज है।
रिटायर्ड सूबेदार मेजर आजाद सिंह झुंझुनूं के बड़ा गांव के रहने वाले हैं। 1988 में 17 साल की उम्र में उनका सेना में चयन हुआ था। 2018 में वे सेना से सेवानिवृत हुए। आजाद के पिता नवल सिंह वॉलीबॉल के खिलाड़ी थे, लेकिन आजाद सिंह को रुचि शुरू से फुटबॉल में थी। बचपन से ही वह फुटबॉल खेल रहे थे।
सेना में भर्ती होने के बाद भी आजाद सिंह ने फुटबॉल खेलना जारी रखा। एक दिन वे टीवी देख रहे थे। इस दौरान उन्होंने टीवी पर ऑस्ट्रेलिया के जॉनसन को सिर पर दूध से भरी बोतल लेकर चलते देखा। जिसके बाद उन्होंने भी ऐसा ही कुछ रिकॉर्ड बनाने का विचार किया। साल 2013 में उन्होंने सिर पर बोतल रखकर लगातार 6 घंटे 32 मिनट साइकिल चलाई और अपने नाम लिम्का बुक में एक रिकॉर्ड दर्ज किया।
इसके बाद आजाद सिंह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 2014 में वे सिर पर फुटबॉल रखकर लगातार 8 घंटे 32 मिनट चले और 45 किमी का सफर तय किया। ये आजाद सिंह का एक नया रिकॉर्ड था जो उन्होंने बांग्लादेश के अब्दुल हलीम के 15 किमी के रिकॉर्ड को तोड़ बनाया था। इसके तीन साल बाद 2017 में आजाद सिंह ने फुटबॉल सिर पर रखकर 100 मीटर फास्ट रनिंग 17.07 सैंकंड में पूरी कर अमरीका के डेनियल केटिंग का 18.53 सेकंड का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
रिटायर्ड सूबेदार मेजर आजाद सिंह कहते हैं कि दुनिया में फुटबॉल सबसे ज्यादा खेला जाता है, लेकिन भारत में इस खेल के प्रति लोगों का रुझान कम है। उनके इलाके शेखावाटी में भी युवाओं का फुटबॉल के प्रति आकर्षण कम हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इस खेल के को बढ़ावा देने के लिए वे रोजाना सिर पर फुटबॉल रखकर 25-30 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं, ताकि वह युवाओं को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित कर सकें।