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Agra BAMS Case: कॉपी बदलने के खेल में कई हैं शामिल, 31 घंटे की रिमांड में टूटा छात्र नेता, उगले कई राज
Mon, 10 Oct 2022 08:33 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 10 Oct 2022 08:33 AM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की परीक्षा में कॉपियां बदलने में कई और लोग शामिल हैं। कॉपियां एजेंसी पहुंचने से पहले ही बदल दी जाती थीं। जेल से शनिवार को 31 घंटे की पुलिस रिमांड पर आए छात्र नेता राहुल पाराशर ने पूछताछ में इस तरह के कई राज उगले हैं।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि कॉपियां बदलने में उनकी भूमिका मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। आरोपी राहुल पाराशर को पुलिस टीम उसके घर भी ले गई। उसकी निशानदेही पर कॉपियां सिलने वाली सिलाई मशीन, खाली और तैयार फर्जी अंकतालिका, विश्वविद्यालय के बार कोड बनाने वाले पेपर, कालेज की मोहरें बरामद की हैं। रविवार शाम पांच बजे आरोपी को जेल में दाखिल कर दिया गया।
छात्र नेता के घर पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
कॉपियां बदलने पहुंचा था मोती कटरा
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में राहुल पाराशर ने बताया कि वह परीक्षा केंद्रों से उत्तर पुस्तिका लेने वाले टेंपो चालक देवेंद्र के संपर्क में था। केंद्र से उत्तर पुस्तिका लेने के बाद चालक उसे बंडल दे देता था। बंडल को वह घर ले जाता था। इसके बाद कॉपियां बदलने का काम करता था। दूसरे दिन देवेंद्र को देता था। जिस दिन यह मामला सामने आया, उस दिन भी वह मोती कटरा में चालक से कॉपियाें का बंडल लेने पहुंचा था। मगर, प्रोफेसर और पुलिस टीम पहुंच गई थी। इससे पहले कई बार उत्तर पुस्तिका बदल चुका था।
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एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
बता दें कॉपियां बदलने का मामला 27 अगस्त को सामने आया था। इस मामले में थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज हुआ। टेंपो चालक देवेंद्र को जेल भेजा गया। बाद में दिल्ली से डॉ.अतुल पकड़ा गया। कॉपियां बदलने के मामले में एक और मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें 14 छात्रों की कॉपियां बदलने का मामला प्रकाश में आया था।
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विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद कॉपियां लिखने वाले पुनीत और दलाल दुर्गेश पकड़े गए। जांच में एमबीबीएस के छात्रों की कॉपियां बदलने का मामला भी सामने आया। इस पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया। एसआईटी भी सभी मामलों की जांच में लगी है। पुलिस टीम कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी है।