उज्जैन में अचानक खबर आई कि रेल दुर्घटना हो गई है। 15 लोग ट्रेन में फंस गए हैं और जीरो पॉइंट ब्रिज के पास बचाओ-बचाओ का शोर हो रहा है। छह से सात बार सायरन भी बजा। इसके बाद तो जैसे अफरा-तफरी मच गई। राहत दल मौके पर पहुंचा और उसने तत्काल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में पता चला कि यह एक मॉक ड्रिल थी, जिसमें उज्जैन, वाराणसी और रतलाम के रेलकर्मी चुस्त-दुरूस्त नजर आए।
2 of 3
उज्जैन में मॉक ड्रिल के दौरान इमरजेंसी विंडो को तोड़ते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
कोच के अंदर यात्रियों के फंसने से हड़कम्प
यह सबकुछ अचानक हुआ तो ऐसा लगा कि वाकई में कोई हादसा हो गया है। कई यात्री कोच के अंदर फंसे हैं। उनकी जान आफत में है। रेलवे का राहत कोच तुरंत मौके पर पहुंचा। ट्रेन के अंदर से यात्री बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। राहत कोच में आई रेलवे की टीम लोगों को बाहर निकालने लगी। कोई ट्रेन की इमरजेंसी विंडो तोड़ रहा था तो कोई गैस कटर से कोच को काटकर यात्रियों को बाहर निकाल रहा था। कुछ ही देर में एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल ले गई।
3 of 3
उज्जैन में रेल हादसे का मॉक ड्रिल।
- फोटो : अमर उजाला
तीन टीमों की फुर्ती की जांच की गई
रेलवे की मॉक ड्रिल के जरिये राहत और बचाव टीमों की चुस्ती-फुर्ती की जांच की गई। इस अवसर पर रेलवे पुलिस सहित कर्मचारी और बड़े अफसर भी मौजूद थे। जीरो पॉइंट ब्रिज मक्सी रोड स्थित रेलवे के डॉकयार्ड पर हुई इस मॉक ड्रिल में वाराणसी की एनडीआरएफ, उज्जैन की एसडीआरएफ यूनिट और रतलाम रेल मंडल की टीमों ने अपनी चुस्ती-फुर्ती का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में एनडीआरएफ 11 के लगभग 40 जवानों की टीम, एसडीआरएफ उज्जैन के 10 सदस्यों की टीम एवं रेलवे की लगभग 40 सदस्यों की टीम शामिल हुई।