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आज बैंक बंद: 3 दिन रहेगा असर, 7 हजार शाखाओं में कामकाज ठप, 40 हजार बैंककर्मी 5 दिन काम की मांग पर हड़ताल पर
Fri, 11 Sep 2026 09:24 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 11 Sep 2026 09:24 AM IST
सार
5-डे वीक की मांग को लेकर एमपी के 40 हजार बैंककर्मी आज हड़ताल पर हैं। करीब 7 हजार शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहेगा। शनिवार-रविवार की छुट्टी से असर 3 दिन रहेगा। सितंबर के अंत में फिर 5 दिन बैंक बंद रहने की स्थिति बन सकती है।
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बैंक हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में शुक्रवार को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह यानी हर शनिवार-रविवार छुट्टी की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर होने वाली हड़ताल के चलते प्रदेश की करीब 7 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। भोपाल में बैंक कर्मचारी जुटकर प्रदर्शन भी करेंगे। हड़ताल सिर्फ एक दिन की है, लेकिन इसका असर तीन दिन तक रहेगा। शुक्रवार के बाद शनिवार और रविवार को अवकाश होने से बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज सोमवार से ही शुरू होगा।
क्या रहेगा असर
- शाखाओं में नकद लेन-देन प्रभावित रहेगा।
- बड़ी रकम निकालने या जमा करने में परेशानी होगी।
- चेक जमा करने और उसके भुगतान की प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
- बैंक से जुड़े कई दूसरे काम भी अगले कार्यदिवस तक टल सकते हैं।
5 दिन बैंक खुलें, लेकिन रोज 40 मिनट ज्यादा काम का प्रस्ताव
बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि हर शनिवार को छुट्टी घोषित कर पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू किया जाए। अभी महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं। यूनियनों का प्रस्ताव है कि शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम कराया जा सकता है। यानी कर्मचारियों के काम के कुल घंटे में बड़ी कमी न हो, लेकिन सप्ताह में दो दिन अवकाश मिले।
सरकार से बातचीत हुई, लेकिन नहीं बनी बात
हड़ताल से पहले यूनियनों और सरकार के बीच बातचीत का दौर चला, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियनों ने शुक्रवार की हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया।यूनियनों के प्रदेश समन्वयक वीके शर्मा का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग लंबे समय से लंबित है। उनका आरोप है कि जायज मांग को अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है।
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20 दिन बाद फिर पांच दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने का खतरा
सितंबर में बैंकिंग सेवाओं पर दोबारा बड़ा असर पड़ सकता है। 26 और 27 सितंबर को शनिवार-रविवार का अवकाश है। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल है। ऐसे में 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिन बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहने की स्थिति बन सकती है।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश का मौसम: क्या तीन दिन ब्रेक के बाद फिर लौट आया मानसून? आज 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
सिर्फ 5-डे वीक ही नहीं, इन मांगों पर भी अड़े बैंककर्मी
यूनियनों की कई अन्य मांगें भी लंबित हैं। इनमें पेंशन अपडेट करने और पेंशनभोगियों को मिलने वाले एक्स-ग्रेशिया की समीक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता देने की मांग भी है। बैंक कर्मचारियों की पर्याप्त भर्ती की मांग भी है। इसमें क्लर्क, सब-स्टाफ और सशस्त्र गार्ड शामिल हैं। ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने की मांग भी यूनियनों ने उठाई है।
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क्या रहेगा असर
- शाखाओं में नकद लेन-देन प्रभावित रहेगा।
- बड़ी रकम निकालने या जमा करने में परेशानी होगी।
- चेक जमा करने और उसके भुगतान की प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
- बैंक से जुड़े कई दूसरे काम भी अगले कार्यदिवस तक टल सकते हैं।
5 दिन बैंक खुलें, लेकिन रोज 40 मिनट ज्यादा काम का प्रस्ताव
बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि हर शनिवार को छुट्टी घोषित कर पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू किया जाए। अभी महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं। यूनियनों का प्रस्ताव है कि शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम कराया जा सकता है। यानी कर्मचारियों के काम के कुल घंटे में बड़ी कमी न हो, लेकिन सप्ताह में दो दिन अवकाश मिले।
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सरकार से बातचीत हुई, लेकिन नहीं बनी बात
हड़ताल से पहले यूनियनों और सरकार के बीच बातचीत का दौर चला, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियनों ने शुक्रवार की हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया।यूनियनों के प्रदेश समन्वयक वीके शर्मा का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग लंबे समय से लंबित है। उनका आरोप है कि जायज मांग को अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है।
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20 दिन बाद फिर पांच दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने का खतरा
सितंबर में बैंकिंग सेवाओं पर दोबारा बड़ा असर पड़ सकता है। 26 और 27 सितंबर को शनिवार-रविवार का अवकाश है। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल है। ऐसे में 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिन बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहने की स्थिति बन सकती है।
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सिर्फ 5-डे वीक ही नहीं, इन मांगों पर भी अड़े बैंककर्मी
यूनियनों की कई अन्य मांगें भी लंबित हैं। इनमें पेंशन अपडेट करने और पेंशनभोगियों को मिलने वाले एक्स-ग्रेशिया की समीक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता देने की मांग भी है। बैंक कर्मचारियों की पर्याप्त भर्ती की मांग भी है। इसमें क्लर्क, सब-स्टाफ और सशस्त्र गार्ड शामिल हैं। ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने की मांग भी यूनियनों ने उठाई है।
