अवंतिका के प्राचीन 84 महादेवों मे 43वां स्थान रखने वाले महादेव श्री अंगारेश्वर महादेव अत्यंत चमत्कारी देव हैं, जिनके प्रतिदिन दर्शन करने मात्र से समस्त संकटों का नाश होता है और वे श्रद्धालु जो कि प्रति मंगलवार को भगवान का विशेष पूजन अर्चन करते हैं उनकी कुंडली के सभी मंगल दोष न सिर्फ दूर होते हैं, बल्कि उन्हें संतान, धन, भूमि, संपत्ति और यश की प्राप्ति होती है। स्कंद पुराण के अनुसार उज्जैन को मंगल ग्रह का जन्म स्थान माना गया है, इसीलिए मंदिर में मंगल ग्रह की शांति के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान अंगारेश्वर महादेव का पूजन अर्चन करने उज्जैन आते हैं।
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मंगलदोष के निवारण के लिए होती है विशेष पूजा
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के पुजारी पं. मनीष उपाध्याय ने बताया कि वैसे तो मंगलवार को हजारों लोग भगवान अंगारेश्वर का पूजन अर्चन करने मंदिर आते है। लेकिन मंगलवार को मंदिर में भगवान की लाल कंकू और भात (चावल) से पूजा करने का विशेष विधान है। उन्होंने बताया कि जिस मंगलवार को चित्रा, धनिष्ठा नक्षत्र जो कि अति श्रेष्ठ नक्षत्र हैं चतुर्थी के साथ आते हैं। उस दिन अंगारक चतुर्थी होती है इस दिन भगवान की पूजा अर्चना दर्शन करने से वास्तुदोष, भूमिदोष के निवारण के साथ ही न्यायालय में भी विजय प्राप्त होती है।
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84 महादेवों में 43 वां है अंगारेश्वर महादेव का स्थान
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विवाह में आ रहे दोष भी होते हैं समाप्त
पुजारी पं. मनीष उपाध्याय ने बताया कि अंगारेश्वर महादेव मंगल के देवता हैं और मंगल को शांत करने के लिए ठंडी वस्तुएं ही भगवान को अर्पित की जाती है। इसलिए यहां भात पूजा भी किया जाता है। बताया जाता है कि इस पूजा से मंगल दोष का निवारण होता है। माना जाता है, इससे विवाह में आ रहीं अड़चने दूर होती हैं। भूमि कार्य निर्विघ्न होते हैं और कोर्ट-कचहरी के मामलों का शीघ्र निपटारा हो जाता है।