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MP News: रतलाम के चर्च में प्रार्थना के नाम पर धर्मांतरण का खेल, धर्म बदलवाने के आरोप में युवक हिरासत में
Sun, 28 Jul 2024 11:02 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 28 Jul 2024 11:02 PM IST
सार
आदिवासियों को इलाज के नाम पर इकट्ठा करने और धर्मांतरण के लिए एकत्रित करने वाले लाखिया गांव के एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मामला रतलाम के लाखिया गांव का है।
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इस भवन में हो रही थी प्रार्थना सभा
- फोटो : सोशल मीडिया
रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के आमलीपाड़ा पंचायत के ग्राम लाखिया में खेत में बने चर्च में इलाज के नाम पर आदिवासी समाज के महिला और पुरुषों के धर्मांतरण का मामला सामने आया है। आदिवासियों को इलाज के नाम पर यहां बुलाया जाता और ईसाई धर्म की प्रार्थना करवाई जाती थी। आदिवासियों को इलाज के नाम पर इकट्ठा करने और धर्मांतरण के लिए एकत्रित करने वाले लाखिया गांव के एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। डीडीनगर पुलिस ने हिरासत में लिए युवक के खिलाफ धर्मांतरण की धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस ने देखा तो दो सौ से ज्यादा लोग मौके पर मौजूद थे।
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रार्थना करवा रहे व्यक्ति को महिलाओ ने बताया अपना प्रभु, किया विरोध
हिंदू संगठनों के लोगो की शिकायत पर जब संगठन के लोगों के साथ पुलिस लखिया गांव में खेत के बीच बने चर्च में पहुंची तो देखा कि चर्च में दो सौ से ज्यादा महिला, पुरुष और बच्चे मौजूद थे। पुलिस जब धर्मांतरण में अहम भूमिका निभाने वाले एक युवक को अपने साथ लाने लगी तो महिलाएं और पुरुष विरोध में उतर गए और कहने लगे कि ये हमारे प्रभु हैं। इन्हें नहीं ले जाने देंगे। पुलिस चर्च में मौजूद लोगो को समझा बुझाकर युवक को अपने साथ थाने लेकर पहुंची।
गांव के सरपंच-सचिव को भी नहीं लगी भनक
जिस जगह धर्मांतरण का खेल चल रहा था, बताया जाता है कि पिछले करीब 10-12 वर्षों से यह चर्च संचालित हो रहा है लेकिन आसपास के लोगों के अलावा ग्राम पंचायत सरपंच और सचिव को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। बेरोरटोक यहां घर में चर्च संचालित होता रहा।
हिंदू संगठनों के लोगो की शिकायत पर जब संगठन के लोगों के साथ पुलिस लखिया गांव में खेत के बीच बने चर्च में पहुंची तो देखा कि चर्च में दो सौ से ज्यादा महिला, पुरुष और बच्चे मौजूद थे। पुलिस जब धर्मांतरण में अहम भूमिका निभाने वाले एक युवक को अपने साथ लाने लगी तो महिलाएं और पुरुष विरोध में उतर गए और कहने लगे कि ये हमारे प्रभु हैं। इन्हें नहीं ले जाने देंगे। पुलिस चर्च में मौजूद लोगो को समझा बुझाकर युवक को अपने साथ थाने लेकर पहुंची।
गांव के सरपंच-सचिव को भी नहीं लगी भनक
जिस जगह धर्मांतरण का खेल चल रहा था, बताया जाता है कि पिछले करीब 10-12 वर्षों से यह चर्च संचालित हो रहा है लेकिन आसपास के लोगों के अलावा ग्राम पंचायत सरपंच और सचिव को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। बेरोरटोक यहां घर में चर्च संचालित होता रहा।
रतलाम जिले के एक गांव के ग्रामीणों को बरगलाया जा रहा था।
- फोटो : सोशल मीडिया
झाबुआ से भी पहुंचते थे लोग
प्रार्थना में मोरवनी क्षेत्र के अलावा, रावटी क्षेत्र से लेकर झाबुआ जिले के लोग भी अपने बीमार बच्चों को प्रार्थना में लेकर पहुंचे थे। इनका मानना था कि प्रार्थना से उनके बच्चे ठीक हो जाते हैं। जिस युवक को हिरासत में लिया उसने भी अपने पुत्र के ठीक होने का दावा किया है।
टीआई ने कहा शिकायत पर की गई कार्यवाही
दीनदयाल नगर थाना टीआई रविन्द्र दंडोतिया ने बताया कि हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को आमलीपाड़ा पंचायत के लाखिया गांव में धर्मांतरण की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की है। काफी संख्या में यहां लोग प्रार्थना के लिए एकत्रित थे। प्रार्थना करवाने वाले युवक को हम थाने लेकर आए हैं।
प्रार्थना में मोरवनी क्षेत्र के अलावा, रावटी क्षेत्र से लेकर झाबुआ जिले के लोग भी अपने बीमार बच्चों को प्रार्थना में लेकर पहुंचे थे। इनका मानना था कि प्रार्थना से उनके बच्चे ठीक हो जाते हैं। जिस युवक को हिरासत में लिया उसने भी अपने पुत्र के ठीक होने का दावा किया है।
टीआई ने कहा शिकायत पर की गई कार्यवाही
दीनदयाल नगर थाना टीआई रविन्द्र दंडोतिया ने बताया कि हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को आमलीपाड़ा पंचायत के लाखिया गांव में धर्मांतरण की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की है। काफी संख्या में यहां लोग प्रार्थना के लिए एकत्रित थे। प्रार्थना करवाने वाले युवक को हम थाने लेकर आए हैं।
