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Burhanpur: बुरहानपुर में बोले मोहन भागवत- हमें पूरे समाज का संगठन करना है, समाज में अलग संगठन खड़ा नहीं करना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 17 Apr 2023 11:02 PM IST
सार
सरसंघचालक भागवत दो दिवसीय मालवा प्रांत के प्रवास पर थे। उन्होंने बुरहानपुर जिले में विविध कार्यक्रमों में भाग लिया। भागवत ने कहा कि यह कार्यालय हिंदू समाज का केंद्र है। यह समाज के सहयोग से खड़ा हुआ है और समाज को ही समर्पित है।
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बुरहानपुर में मोहन भागवत ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने का कार्य ठेके पर नहीं दिया जा सकता।
- फोटो : सोशल मीडिया
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बुरहानपुर में नवनिर्मित डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के जिला कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि संघ, संपूर्ण समाज को अपना मानता है। एक दिन संघ बढ़ते-बढ़ते समाजरूप हो जाएगा तो संघ नाम भी हट जाएगा। हिंदू समाज ही संघ बन जाएगा। हमें पूरे समाज का संगठन करना है, समाज में अलग संगठन खड़ा नहीं करना है।
बता दें कि सरसंघचालक भागवत दो दिवसीय मालवा प्रांत के प्रवास पर थे। उन्होंने बुरहानपुर जिले में विविध कार्यक्रमों में भाग लिया। भागवत ने कहा कि यह कार्यालय हिंदू समाज का केंद्र है। यह समाज के सहयोग से खड़ा हुआ है और समाज को ही समर्पित है। संघ का कार्य स्वार्थ तथा भय से नहीं चलता,आत्मीयता से चलता है। क्योंकि स्वार्थ और भय स्थायी नहीं है। इसीलिए कार्यालय पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उस आत्मीयता के दर्शन होना चाहिए। साथ ही कार्यालय के अनुशासन का पालन भी होना चाहिए।
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भागवत ने बुरहानपुर में नवनिर्मित डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के जिला कार्यालय का उद्घाटन किया।
- फोटो : सोशल मीडिया
दुर्जनों में बैठेगी धाक
भागवत ने कहा कि संघ का कार्य लोक संग्रह का कार्य है। समाज को इस संगठित शक्ति से अच्छे कार्य होंगे। इस शक्ति से सज्जन लोगों की सुरक्षा होगी और धर्म की रक्षा के लिए इस शक्ति का उपयोग होगा और जो दुर्जन हैं उनमें धाक बैठेगी। इसलिए संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है और ईश्वरीय कार्य को भगवान करेगा, लेकिन उसका निमित्त हमें बनना है। इसलिए शाखा चलती है। अपने इस ईश्वरीय और पवित्र कार्य का अनुभव कार्यालय के वातावरण से होना चाहिए। आज संघ का कार्य बढ़ रहा है, संघ के हितैषी बढ़ रहे हैं। इसलिए जगह -जगह पर कार्यालय बन रहे हैं। लेकिन जब कार्यालय नहीं थे, तब भी संघ था। इसलिए सुविधाओं के कारण क्षमता कम नहीं होना चाहिए।
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आयोजन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
- फोटो : सोशल मीडिया
देश को आगे बढ़ाने का कार्य ठेके पर नहीं दिया जा सकता
सरसंघचालक ने कहा कि पूरे समाज को संगठित होकर अपने देश के लिए जीने-मरने को उतारू होकर, एक होकर, भेद और स्वार्थ भूलकर जीना पड़ता है, तब देश आगे बढ़ता है। देश को आगे बढ़ाने का कार्य ठेके पर नहीं दिया जा सकता, संघ को भी नहीं दिया जा सकता। पूरे 130 करोड़ के समाज को संगठित होना होगा। सरसंघचालक ने उपस्थित समाज से प्रत्यक्ष रूप से संघ कार्य में जुड़ने का आग्रह किया।
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