मध्य प्रदेश में रीवा-सीधी-सिंगरौली रेलवे लाइन पर प्रदेश की सबसे बड़ी रेलवे सुरंग बनकर तैयार हो गई है। छुहिया घाटी में बनी यह सुरंग 3.34 किमी लंबी है। यह सुरंग गोविंदगढ़-बगवार स्टेशनों के बीच बनी है। इस सुरंग के बनने से सीधी भी रेलवे लाइन से जुड़ जाएगा।
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर इस सुरंग का निर्माण पूरा होने की जानकारी दी है। रीवा-सिंगरौली रेले लाइन में बांसा के बाद सीधी जिले का पहला रेलवे स्टेशन रघुनाथपुर होगा। रीवा और सीधी को जोड़ने वाली नई रेल लाइन को दोनों जिलों को बांटने वाली छुहिया घाटी को पार करना था। इस दुर्गम पहाड़ी को काटकर रेलवे ने प्रदेश की सबसे लबी 3338 मीटर (3.34 किमी) लंबी इस सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया है।
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रीवा-सीधी के बीच छुहिया घाटी में रेलवे सुरंग का मुहाना।
- फोटो : सोशल मीडिया
आसान नहीं था सुरंग का निर्माण
छुहिया घाटी का रास्ता घुमावदार और व्यस्त है। इस रुट पर लोडिंग वाहनों का दबाव भी अत्यधिक है। सुरंग का निर्माण कार्य गोविंदगढ़ (रीवा जिला) और बगवार (सीधी जिला) से किया गया। दोनों छोर से हाई टेक्नोलॉजी वाली इंजीनियरिंग मशीनों से ड्रिलिंग और टनलिंग का कार्य एक साथ किया गया। भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) ने इस सुरंग को डिजाइन किया है। कंट्रोल्ड ब्लास्टिंग की गई ताकि पहाड़ी की प्राकृतिक सरंचना को नुकसान न पहुंचे।
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रीवा-सीधी के बीच छुहिया घाटी में बनी यह सुरंग प्रदेश की सबसे बड़ी रेलवे सुरंग है।
- फोटो : सोशल मीडिया
रीवा-सीधी-सिंगरौली लाइन इसी साल पूरी होगी
रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाइन 165 किमी लंबी है और इसे 2022 में पूरा करने का लक्ष्य है। सुरंग में रॉक जोड़ का इस्तेमाल किया गया है ताकि उसे मजबूती दी जा सके। बांसा के बाद सीधी जिले का पहला रेलवे स्टेशन रघुनाथपुर में बन रहा है। बांसा और रघुनाथपुर के बाद रामपुर नैकिन, चुरहट और सीधी का रेलवे स्टेशन बन रहा है। रेल लाइन से सीधी जिले के 91 गांव प्रभाावित हुए हैं। रेलवे ने जमीन अधिग्रहण करने के एवज में 1900 लोगों को नौकरी भी दी है।