संस्कारधानी जबलपुर में बुधवार को नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गैरिसन ग्राउंड में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम में शामिल हुए और हजारों बच्चों और लोगों के साथ योगाभ्यास कर संपूर्ण प्रदेश को योग का संदेश दिया।
योग जीरो बजट वाला हेल्थ इश्योरेंस: उपराष्ट्रपति
वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग के ध्येय वाक्य को लेकर आयोजित योगाभ्यास के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि योग एक दिन का नहीं, हर दिन का है। मैं देशवासियों से संस्कारधानी जबलपुर के नर्मदा तट, भेड़ाघाट और बंदरकूदनी से योग को जीवन में अपनाने का आह्वान करता हूं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हींग लगे, न फिटकरी और रंग चोखा आए, यही योग का मूलमंत्र है। योग किसी व्यक्ति मात्र के लिए नहीं, संपूर्ण मानवता के लिए है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इतने अधिक वोटों से और कम से कम समय में योग को अंतरराष्ट्रीय रूप में स्वीकृति देना भारतीय नेतृत्व की दूरदृष्टि की स्वीकृति है। योग जीरो बजट वाला हेल्थ इश्योरेंस है।
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उपराष्ट्रपति धनखड़ ने भी किया योग
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मध्यप्रदेश के विद्यालयों में योग शिक्षा अनिवार्य होगी: CM
वहीं, कार्यक्रम में शामिल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि निरोग रहने के लिए योग करें। यह योग केवल योग दिवस के दिन नहीं करना, बल्कि रोजाना करना है। स्वस्थ रहना भी देश की सबसे बड़ी सेवा है। अस्पतालों में भीड़ क्यों लगाएं। योग करें, स्वस्थ रहें, मस्त रहें। योग जोड़ता है। सीएम शिवराज ने मध्यप्रदेश के विद्यालयों में योग की शिक्षा अनिवार्य करने का ऐलान भी किया।
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बड़ी संख्या में योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए लोग
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वहीं, राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने बच्चों और युवाओं को सात्विक आहार लेने की सलाह दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आजकल के बच्चे पिज्जा खाते हैं, साथ में थम्सअप की बोतल पचाने के लिए रखते हैं। तैलीय पदार्थ और तीखा मत खाओ। योगा के साथ सात्विक खुराक भी आवश्यक है।