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MP News: जबलपुर नगर निगम का इनोवेशन, कबाड़ बसों से बनाए रैन बसेरे और चैंजिंग रूम

Sat, 22 Apr 2023 06:29 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: रवींद्र भजनी Updated Sat, 22 Apr 2023 06:29 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के जबलपुर नगर निगम ने इनोवेशन करते हुए कबाड़ हो चुकी बसों को रेनोवेट किया। इन बसों को रैन बसेरा और चैंजिंग रूम में तब्दील कर दिया। इन बसों को संजीवनी क्लिनिक और चाइल्ड प्ले बस के रूप में भी विकसित किया जाएगा। 
 

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Innovation of Jabalpur Municipal Corporation, night shelters and changing rooms made from junk buses
जबलपुर में रेनोवेट की गई बसें। - फोटो : अमर उजाला

स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2023 में अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए जबलपुर भी मैदान में है। जबलपुर नगर निगम ने इनोवेशन करते हुए कबाड़ हो चुकी बसों को रेनोवेट किया है। इन बसों को चलित रैन बसेरे और महिलाओं के चेंजिंग रूम के तौर पर विकसित किया है। जबलपुर नगर निगम प्रदेश का पहला नगर निगम है, जिसने वेस्ट टू वेल्थ को अलग ढंग से पेश किया है। 

Innovation of Jabalpur Municipal Corporation, night shelters and changing rooms made from junk buses
जबलपुर में रेनोवेट की गई बसें। - फोटो : अमर उजाला
चलित रैन बसेरा विकसित होगा
जबलपुर नगर निगम के आयुक्त स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि शनिवार को एमएलबी स्कूल के सामने खेल परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह के अवसर पर चैंजिंग रूम के तौर पर रेनोवेट की गई बसों को उपयोग किया गया। पहले चरण में एक दर्जन से अधिक कबाड हो चूकी बसों को चेंजिंग रूम तथा चलित रैन बसेरा के रूप में विकसित किया जाएगा। इस काम के लिए एक माह की समयसीमा निर्धारित की गई है। मेले, सार्वजनिक आयोजनों तथा नर्मदा तटों पर महिलाओं के लिए चैंजिंग रूम के तौर पर इनका उपयोग किया जाएगा। आसमान के नीचे रहने वालों की सुविधाओं के लिए भी चलित रैन बसेरा के रूप में कबाड़ बसों को विकसित किया जाएगा। 

Innovation of Jabalpur Municipal Corporation, night shelters and changing rooms made from junk buses
जबलपुर में रेनोवेट की गई बसें। - फोटो : अमर उजाला
72 बसों को किया रेनोवेट
उन्होंने बताया कि नगर निगम के पास 42 ऐसी बसें हैं, जो पूरी तरह कबाड हो चूकी है। हमारी योजना है कि कबाड बसों को संजीवनी क्लिनिक के लिए रूप में विकसित किया जाए। जिन क्षेत्रों में क्लिनिक नहीं है, वहां रेनोवेट की गई बस के माध्यम से पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जा सकती है। इसके अलावा चाइल्ड प्ले-बस के रूप में भी इन्हें विकसित किया जाएगा। इस तरह की बसों में बच्चों के खेलने के लिए फिसल-पट्टी, छोटे झूले आदि लगाए जाएंगे। बसों को रेनोवेट कर उनका उपयोग थैला बैंक, बर्तन बैंक, कपड़ा बैंक, पुस्तक बैंक के रूप में किया जा सकेगा। छह महीने में सभी बसों के रेनोवेशन करने की हमारी योजना है।
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